छोटी सोच का शिकार बड़ा पार्क

छोटी सोच का शिकार बड़ा पार्क
Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 03:13 AM (IST) Author: Jagran

मेरठ, जेएनएन। आवास विकास द्वारा विकसित माधवपुरम कालोनी के सेक्टर चार का बड़ा पार्क खस्ताहाल है। रखरखाव तो दूर, चहारदीवारी तक पर एक रुपया भी जिम्मेदारों ने खर्च नहीं किया है। पार्क के स्थान पर सिर्फ खुला भू-भाग है। चहारदीवारी न होने की वजह से पार्क की भूमि पर कालोनी में रहने वाले कुछ किराएदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। आसपास रहने वाले लोग पार्क में ही वाहन भी खड़े कर देते हैं। इसके अलावा निर्माणाधीन घरों से निकला मलबा आदि भी यहीं डंप कर दिया जाता है। कुछ लोग नाली का पानी भी पार्क में ही बहा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि सेक्टर चार में कुछ मकान मालिकों ने अपने घरों को किराए पर दे रखा है। किराएदारों ने पार्क में अस्थायी तौर पर बांस-बल्ली व तिरपाल डालकर अतिक्रमण कर रखा है।

लोगों की परेशानी

करीब चार वर्षो से यहां रह रहा हूं, लेकिन पार्क को विकसित करने को लेकर कहीं से कोई प्रयास होते नजर नहीं आए। पार्षद से शिकायत की, लेकिन उन्होंने आवास विकास की कालोनी बताकर किनारा कर लिया।

-वेद प्रकाश, सेक्टर चार

चंद स्थानीय लोग पार्क में वाहन खड़े करने के साथ ही अपने पालतू पशु भी पार्क में ही बांध देते हैं। ऐसे में उनके द्वारा की गई गंदगी भी पार्क में समा जाती है।

-अहमद खान, सेक्टर चार

आवास विकास में भी इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। पार्क के एक कोने की भूमि को अस्थायी अतिक्रमण व खड़े किए जा रहे वाहनों ने घेर रखा है। इसके अलावा भी पार्क तमाम अव्यवस्थाओं का शिकार है।

-रामकुमार, सेक्टर चार

पार्क की भूमि को डंपिंग ग्राउंड के तौर पर लोग उपयोग कर रहे हैं। कुछ लोग यहां वाहन खड़े कर देते हैं तो कुछ मलबा डाल जाते हैं। ऐसे में पार्क लोगों के लिए सुविधा कम दुविधा ज्यादा बन गया है।

-मनोज कुमार, सेक्टर चार जिम्मेदार बोले

आवास विकास से भी अविकसित पार्को की चहारदीवारी का निर्माण कराने को लेकर कई बार पत्राचार कर चुकीं हूं। इसके बाद भी पार्क को विकसित नहीं किया जा रहा है। साथ ही पार्को को नगर निगम के हैंडओवर करने की मांग की जा चुकी है।

-शिखा, पार्षद, वार्ड 48

पार्क का स्थानांतरण कराने को लेकर नगर निगम द्वारा निरीक्षण हो चुका है। नगर निगम आवास विकास को एस्टीमेट देगा। इसके बाद हाउसिंग बोर्ड द्वारा रुपये स्वीकृत कराकर पार्क को विकसित कराया जाएगा।

-केपी त्रिपाठी, एक्सईएन, आवास विकास परिषद

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