Oxygen Crisis In Meerut: पहले 24 घंटे किया इंतजार, फिर सिलेंडर ने दे दिया गच्चा, पढ़ें पूरा मामला

मेरठ में आक्‍सीजन सिलेंडर को लेकर लोगों का संघर्ष जारी है।

कोरोना संकट के बीच आक्‍सीजन की मारामारी जारी है। संघर्ष अनवरत जारी है। सोमवार को नव भारत विद्यापीठ इंटर कालेज परतापुर स्थित आक्सीजन सिलेंडर संग्रह-वितरण केंद्र में इसकी बानगी देखने को मिली। रोजाना ही लोगों को आक्‍सीजन को लेकर दिक्‍कतें हो रही हैं।

Prem Dutt BhattMon, 10 May 2021 08:15 PM (IST)

मेरठ, जेएनएन। Oxygen Crisis In Meerut अपनों की जान बचाने के खातिर तीमारदारों का संघर्ष अनवरत जारी है। सोमवार को नव भारत विद्यापीठ इंटर कालेज परतापुर स्थित आक्सीजन सिलेंडर संग्रह-वितरण केंद्र में इसकी बानगी देखने को मिली। सोमवार को जब तीमारदार आक्सीजन से भरा सिलेंडर लेने केंद्र पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि आपके सिलेंडर का नोजल खराब था। गैस लीक होती इसलिए भरे नहीं गए। यह सुनकर तीमारदार मायूस हो गए। 24 घंटे के इंतजार के बाद भी उन्हें आक्सीजन नहीं मिली।

केस एक : मवाना निवासी सोहनवीर बड़ी उम्मीद से वाहन के साथ सुबह 11 बजे परतापुर स्थित संग्रह-वितरण केंद्र पहुंचे। आक्सीजन भरा सिलेंडर लेने के लिए रसीद थमाई। रजिस्टर में देखते ही निगम कर्मचारी ने कहा कि सिलेंडर को नोजल खराब होने के कारण गैस प्लांट से वापस कर दिया गया है। जाओ पहले नोजल ठीक कराकर लाओ। फिर खाली सिलेंडर जमा करो। तब आक्सीजन मिलेगी। यह सुनने के बाद सोहनवीर की उम्मीद मायूसी में बदल गई। वह करीब दो घंटे तक दिल्ली रोड पर परतापुर से बेगम पुल तक घूमता रहा। लेकिन सिलेंडर का नोजल ठीक न हो सका। आखिर में वह खाली सिलेंडर लेकर वापस लौट गया। उसने बताया कि घर पर मौजूद मरीज की हालत गंभीर है। व्यवस्था पर सवाल उठाए कि जब सिलेंडर जमा किया था तभी क्यों नहीं चेक किया गया। दो दिन कहीं और हाथ-पांव मारते तो शायद आक्सीजन मिल जाती।

केस दो : तीमारदार हिमांशु भी सुबह वाहन के साथ परतापुर केंद्र पहुंचे। उनको भी बताया गया कि सिलेंडर का नोजल खराब है। इसलिए सिलेंडर नहीं भर पाए। यह सुनकर वह परेशान हो गए। उन्होंने बताया कि घर पर मरीज चंद्रकिरन सिंह का उपचार चल रहा था। आक्सीजन की जरूरत पड़ने पर रविवार को खाली सिलेंडर जमा किया था। 24 घंटे बाद नगर निगम ने आक्सीजन भरा सिलेंडर ले जाने का कहा था। लेकिन रविवार शाम मरीज की हालत बिगड़ने पर ईदगाह के समीप आयशा नर्सिंग होम में मरीज को तत्काल भर्ती करा दिया था। हिमांशु ने कहा कि सिलेंडर में आक्सीजन भरने के लिए जो 600 रुपये की रसीद कटवायी थी। वह रुपये भी वापस नहीं मिले।

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