Oxygen Crisis In Meerut: सेंटर पहुंचे मंडलायुक्‍त बोले-जरूरतमंद को हर हाल में पांच घंटे में मुहैया कराएं आक्‍सीजन

नवभारत विद्यापीठ इंटर कालेज पहुंचे कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने कहा खाली सिलेंडर तत्काल गैस प्लांट रिफलिंग के लिए भिजवाओ। गैस प्लांटो पर कहीं भी आक्सीजन की किल्लत नहीं है। हर हाल में पांच घंटे के भीतर जरूरतमंदों को आक्सीजन भरे सिलेंडर उपलब्ध हो जाने चाहिए।

Prem Dutt BhattTue, 11 May 2021 03:34 PM (IST)
आक्‍सीजन की मारामारी के बीच कमिश्‍नर मेरठ ने वितरण केंद्र का दौरा किया।

मेरठ, जेएनएन। मेरठ में मंगलवार को कमिश्नर सुरेंद्र सिंह नवभारत विद्यापीठ इंटर कालेज स्थित आक्सीजन सिलेंडर संग्रह-वितरण केंद्र का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। केंद्र पर उन्हें 30 से ज्यादा खाली सिलेंडर जमा मिले। इसे लेकर उन्होंने नगर निगम और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से नाराजगी जताई। कहा खाली सिलेंडर तत्काल गैस प्लांट रिफलिंग के लिए भिजवाओ। गैस प्लांटो पर कहीं भी आक्सीजन की किल्लत नहीं है। हर हाल में पांच घंटे के भीतर जरूरतमंदों को आक्सीजन भरे सिलेंडर उपलब्ध हो जाने चाहिए। साथ मौजूद एसडीएम सदर को गैस प्लांट से समन्वय बनाकर यह व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया।

बोले सिलेंडर भरने के लिए क्‍यों नहीं भेजे

कमिश्नर सुरेंद्र सिंह गैस प्लांटों के निरीक्षण पर निकले थे। अचानक नवभारत विद्यापीठ इंटर कालेज परतापुर स्थित आक्सीजन सिलेंडर संग्रह वितरण केंद्र दोपहर एक बजे पहुंच गए। केंद्र पर काफी लोग आक्सीजन के लिए खाली सिलेंडर लेकर काउंटर पर दस्तावेज जमा कर रहे थे। कमिश्नर के पहुंचने पर नगर निगम से मौके पर केंद्र के नोडल अधिकारी नर सिंह राणा मिले। कमिश्नर को बताया कि सुबह 10 बजे से अभी तक लगभग 30 खाली सिलेंडर जमा हो गए हैं। कमिश्नर ने पूछा कि खाली सिलेंडर गैस प्लांट भरने के लिए क्यों नहीं भेजे गए। केंद्र के नोडल अधिकारी ने बताया कि सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक खाली सिलेंडर जमा करने का निर्देश है। गैस प्लांट तक खाली सिलेंडर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को गैस प्लांट तक पहुंचाने हैं और वहां भरने के बाद फिर केंद्र में उन्हीं को सुपुर्द करना है। इसके बाद ही आक्सीजन भरे सिलेंडर का वितरण किया जाता है। इस प्रक्रिया में 24 घन्टे लग जाते हैं।

मंडलायुक्‍त ने जवाब तलब किया

कमिश्नर ने पूछा कि अगर कोई तीमारदार यह कहता है कि इमरजेंसी है। तब उसे आक्सीजन भरा सिलेंडर मुहैया कराने की क्या व्यवस्था है। केंद्र के नोडल अधिकारी ने कहा कि स्टाक में एक भी आक्सीजन भरा सिलेंडर नहीं है। जिस पर कमिश्नर ने एसडीएम से कहा कि कम से कम 40 से 45 आक्सीजन भरे सिलेंडर स्टाक करने की व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि इमरजेंसी में तत्काल जरूरतमंद को आक्सीजन उपलब्ध कराई जा सके। 24 घन्टे आक्सीजन सिलेंडर मुहैया कराने की व्यवस्था ठीक नहीं है। एसडीएम से कहा कि गाजियाबाद से कुछ सिलेंडर उपलब्ध होने वाले हैं। उन्हें भरवाकर यहां स्टाक किया जाए।

पांच घंटे में हर हाल दें सिलेंडर

इसके साथ ही केंद्र के नोडल अधिकारी को निर्देश दिया कि जैसे ही 20 खाली सिलेंडर जमा हो जाएं। तत्काल उन्हें अग्रवाल गैस प्लांट भेजा जाए। हर हाल में तत्काल प्रभाव से पांच घन्टे के भीतर आक्सीजन से भरा सिलेंडर जरूरतमंद को उपलब्ध कराया जाएगा। कमिश्नर ने अपने सामने ही नगर निगम की गाड़ी मंगवाई। फौरन खाली सिलेंडर नगर निगम ने गैस प्लांट पहुंचाए।

मौके से नगर आयुक्त को किया फोन

कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने मौके से नगर आयुक्त मनीष बंसल को फोन किया। पांच घन्टे के भीतर खाली सिलेंडर जरूरतमंदों को मुहैया कराने की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। दरअसल, नगर निगम का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नही था। जिसे लेकर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की।

तीमारदार ने बताई आपबीती

कमिश्नर सुरेंद्र सिंह से तीमारदार राहुल ने बताया कि उसकी मां की हालत गम्भीर है। उसे आक्सीजन की जरूरत है। गणपति हास्पिटल में भर्ती के लिए सम्पर्क किया था। लेकिन आक्सीजन न होने की बात कहकर भर्ती नहीं किया। कमिश्नर ने तीमारदार को जल्द से जल्द आक्सीजन भरा सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश केंद्र के नोडल अधिकारी को दिया। साथ ही एसडीएम सदर से कहा कि हास्पिटल से जानकारी लो। नगर निगम अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा कि एक रजिस्टर बनवाएं जिस पर यह अंकित करें कि कौन हास्पिटल हैं, जो आक्सीजन न होने की बात कह कर इन केंद्रों पर तीमारदार को भेज रहे हैं। ऐसे हास्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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