एक न एक दिन इंकलाब आएगा..हफीज मेरठी की याद में आल इंडिया मुशायरा

मवाना के सामाजिक एकता मंच और भारती महिला एवं जनकल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार देररात मोहल्ला कल्याण सिंह स्थित डीएम फार्म हाउस में आल इंडिया मुशायरा का आयोजन किया गया। जिसमें शायरों ने अपने बेहतरीन कलाम पेश किए। मुख्य अतिथि मजलूम समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लियाकत रहे।

JagranSun, 24 Oct 2021 06:41 PM (IST)
एक न एक दिन इंकलाब आएगा..हफीज मेरठी की याद में आल इंडिया मुशायरा

मेरठ, जेएनएन। मवाना के सामाजिक एकता मंच और भारती महिला एवं जनकल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार देररात मोहल्ला कल्याण सिंह स्थित डीएम फार्म हाउस में आल इंडिया मुशायरा का आयोजन किया गया। जिसमें शायरों ने अपने बेहतरीन कलाम पेश किए। मुख्य अतिथि मजलूम समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लियाकत रहे। मुशायरे की शमां रोशन पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि व फलावदा चेयरमैन अब्दुल समद ने संयुक्त रूप से की।

मुशायरे में शाह आलम कुरैशी ने अपना कलाम पेश करते हुए कहा कि-एक दिन किसी की याद में रोना पड़ा मुझे, दरिया ए गम में खुद को डुबाना पड़ा मुझे।

जब मैंने रब के सामने सजदा नहीं किया, शर्मिदा जहां के सामने होना पड़ा मुझे।।

यूसुफ मेरठी अपना कलाम कुछ इस अंदाज में पेश किया-तुम सितम चाहे जितने करो जालिमो। एक ना एक दिन इंकलाब आएगा।।

फरीदाबाद से तशरीफ लाई प्रोफेसर कृष्णा शर्मा दामिनी ने पढ़ा-अब भूल गई हूं मैं पीहर का घर, हो गया है अब मवाना ही मेरा घर।

मुशायरे में सज्जाद झंझट ने अपने कलान से लोगों को खूब हंसाया। इन्होंने पढ़ा-मांगा वेटर से जो अफ़गानी चिकन, बोला इसका जायका तो खो गया

पहले अफ़गानी चिकन था जो कभी, अब वह चिकन तालिबानी हो गया।।

मुशायरे की निजामत करते हुए फरीद अहमद फरीद ने पढ़ा-मैं जब भी दुश्मन के सीना सिपर था, हां सच है यह मेरी मां की दुआओं का असर था।

मशहूर शायर अल्लामा हफीज मेरठी की याद में आयोजित किया गया था। उनके दामाद अतीकर्रहमान भी मौजूद थे। उनके शागिर्द न•ाीर मेरठी ने भी अपना कलाम पेश किया और उनके साथी असरार अहमद किठौरी ने उनकी यादें साझा। मुशायरे में समर देहलवी, मनसूर फरीदाबाद, आमिर मेरठी आदि शायरों ने कलाम पेश किए। मुशायरे में हस्तिनापुर ब्लाक प्रमुख नितिन पोसवाल, शायर और समाजसेवियों को उर्दू अवार्ड व सामाजिक उन्नायक सम्मान 2021 से सम्मानित किया गया। संचालन इस्लाम मलिक और निजामत मुशायरा फरीद अहमद ने किया। मुशायरे के कन्वीनर समिति अध्यक्ष रियाजुद्दीन मलिक रहे। चौधरी रब नवाज राजन, डा. फरहा मुमता•ा डा. फराहीम, डा. धर्मपाल, पार्षद शहजाद, अब्बासी मेरठ, फजल, करीम, बिलाल, मंसूरी सलीम सैफी आदि का सहयोग रहा।

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