खत्म हो शादी के आयोजनों के लिए अनुमति की बाध्यता

खत्म हो शादी के आयोजनों के लिए अनुमति की बाध्यता

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन की गाइडलाइन से मंडप व्यवसायी परेशान हैं।

JagranMon, 12 Apr 2021 10:11 PM (IST)

मेरठ, जेएनएन। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन की गाइडलाइन से मंडप व्यवसायी परेशान हैं। सोमवार को मेरठ मंडप एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन दिया। महामंत्री विपुल सिंघल ने कहा कि शादी विवाह के आयोजनों के लिए क‌र्फ्यू में रात 11 बजे तक ढील दी जाए। काम करने वालों को रात एक बजे तक घर पहुंचने का समय दिया जाए। शादी विवाह आयोजन के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति की बाध्यता समाप्त की जाए। संगठन के अध्यक्ष मनोज गुप्ता, अपार मेहरा, नवीन कुमार आदि मौजूद रहे।

मंडपों की एक हजार से अधिक बुकिग निरस्त : कोरोना के खौफ के चलते अप्रैल और मई में होने वाले विवाह आयोजन खासी तादाद में स्थगित हो रहे हैं। मेरठ मंडप ऐसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिघल ने कहा कि प्रत्येक मंडप में तीन से चार बुकिग निरस्त होने की सूचना है। उनके संगठन से संबद्ध 275 मंडप हैं। इस आधार पर लोगों ने करीब नौ सौ बुकिग निरस्त कराई हैं। वहीं, दूसरे गुट के महामंत्री देवेंद्र गोयल ने बताया कि उनके स्वयं के मंडप में छह आयोजन लोगों ने कैंसिल करा दिए हैं। उनकी एसोसिएशन से संबद्ध मंडपों में 200 बुकिग कैंसिल हुई हैं। विपुल सिघल ने बताया कि बुकिग निरस्त होने से मंडप व्यवसायियों की आíथक स्थिति खराब होने के कगार पर है। विवाह आयोजनों पर बेवजह की सख्ती से कुछ हासिल नहीं होगा।

शनिवार की पूर्ण बंदी को ज्ञापन: सरधना व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने सोमवार को डीएम के.बाला जी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अमित कुमार भारतीय को सौंपा। इस दौरान सरधना व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष पंकज जैन ने कहा कि कि कोविड-19 से बचाव के लिए शनिवार को पूर्ण रूप से बाजार बंद होना चाहिए। इसके अलावा मेडिकल स्टोर व जरूरी सेवाएं खुली रहे। वहीं, उन्होंने नाइट क‌र्फ्यू का भी सख्ती से पालन करवाने व हालात सही होने तक साप्ताहिक पैंठ पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की। इस मौके पर महामंत्री नीरज जैन, योगेश वर्मा, हम्मीद, संकेत सिंह व संजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.