मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर पहुंची एनजीटी की टीम, डिस्टलरी के नाले में प्रदूषित पानी छोड़े जाने की हुई थी शिकायत

मंसूरपुर की सर शादी लाल डिस्टलरी से निकलने वाले नाले में फैक्ट्री का प्रदूषित पानी छोड़े जाने की शिकायत आसपास के ग्रामीण लंबे समय से कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डिस्टलरी से निकलने वाले नाले से प्रदूषित जल बोपाड़ा में काली नदी में छोड़ा जाता है।

Prem Dutt BhattMon, 20 Sep 2021 07:38 PM (IST)
मंसूरपुर की डिस्टलरी में जांच करती एनजीटी की टीम

मुजफ्फरनगर, जागरण संवाददाता। मंसूरपुर में सर शादी लाल डिस्टलरी से निकलने वाले नाले में फैक्ट्री का प्रदूषित पानी छोड़े जाने की शिकायत ग्रामीण लंबे समय से करते आ रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मंसूरपुर की सरशादी लाल डिस्टलरी में पहुंचकर जांच की। टीम ने डिस्टलरी से निकल रहे जल के नमूने लिए। इस दौरान ग्रामीणों ने टीम का घेराव किया और हैंडपंपों के पानी भी जांच की मांग की। इस पर टीम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

यह है मामला

सर शादी लाल डिस्टलरी से निकलने वाले नाले में फैक्ट्री का प्रदूषित पानी छोड़े जाने की शिकायत आसपास के ग्रामीण लंबे समय से कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डिस्टलरी से निकलने वाले नाले से प्रदूषित जल बोपाड़ा में काली नदी में छोड़ा जाता है, जिस कारण नदी के आसपास बसे गांवों में हैंडपंप से भी प्रदूषित पानी निकलता है। इस मामले को लेकर सोमवार को एनजीटी दिल्ली के विशेषज्ञ कमलेश कुमार, एडीएम आलोक कुमार व क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता विपुल कुमार के नेतृत्व में टीम जांच करने सर शादी लाल डिस्टलरी पहुंची। टीम ने डिस्टलरी से निकलकर शुगर मिल से होकर जा रहे नाले का निरीक्षण करते हुए पानी के सैंपल एकत्र किए। इसी बीच जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने विशेषज्ञ कमलेश कुमार की कार को रोक कर घेराव किया। खानुपुर, बोपाड़ा, जीवना व पुरबालियान आदि गांवों में ट्यूबवेल व नल से निकलने वाले पानी के सैंपल लेकर ईमानदारी से जांच कराने की मांग की। विशाल बोपाड़ा, विकास शर्मा, गौरव चौधरी, संजीव खानपुर, मनोज खत्री, अमरपाल, सुमित आदि शामिल रहे। टीम ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। सरशादी लाल डिस्टलरी के प्रशासनिक महाप्रबंधक सुनील जैन ने बताया कि एनजीटी की टीम जांच के लिए आई थी। सरकार के निर्देशानुसार नए प्लांट में इंसीनेटर बायलर लगा है, जबकि पुराना प्लांट बंद है। ऐसे में प्रदूषित पानी छोड़े जाने का कोई सवाल ही नहीं है।

 

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