योग और व्‍यायाम के साथ संतुलित आहार भी लेना जरुरी, जानिए मेरठ के डा. गुप्‍ता के सेहत का राज

मेरठ के डा. गुप्‍ता की दिनचर्या के बारे में जानें।

शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए शारीरिक व्‍यायाम और योग के साथ आपकी सोच भी बहुत कुछ निर्धारित करती है। साथ ही अच्‍छा भाेजन भी लेना आपके लिए आवश्‍यक होता है। मेरठ के डा. गुप्‍ता से जानिए सेहत के राज।

Himanshu DwivediMon, 22 Feb 2021 08:43 AM (IST)

मेरठ, जेएनएन। शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए शारीरिक व्‍यायाम और योग के साथ आपकी सोच भी बहुत कुछ निर्धारित करती है। हर मौसम के हिसाब से आहार भी जरूरी है। आज कई बार लोग शारीरिक रूप से मजबूत रहने के बाद भी तनाव से घिरे हुए हैं। उनके आहार या व्‍यायाम में कोई कमी नहीं है, लेकिन यह तनाव कई बार हमारी सोच की वजह से भी सामने आता है। अगर हम रचनात्‍मक तरीके से सोचते हैं, काफी हद तक खुद को तनाव से भी बचा सकते हैं। आयुर्वेद के चिकित्‍सक डा. अमित गुप्‍ता का मानना है कि शरीर में रोग आने का सबसे बड़ा कारण शरीर के त्रिदोष हैं। इसमें वात पित्‍त और कफ सबसे बड़ा कारक है। इनसे बचने के लिए अलग- अलग ऋतुओं के हिसाब से अपने आहार और विहार को रखना होगा। डा. गुप्‍ता ने अपनी दिनचर्या को बताते हुए स्‍वस्‍थ रहने के तरीके भी बताएं हैं।

ताजी हवा में टहलना जरूरी है

डा. अमित गुप्‍ता सुबह उठने के बाद ताजी हवा में कुछ देर टहलते हैं। फिर साइक्‍लिंग करते हैं। इससे वह ब्‍लड प्रेशर, शुगर, तनाव जैसी बीमारियों से दूर रहे हैं। उनका कहना है कि सुबह और सोने का समय निश्‍चित करने के साथ हमें अपने आहार को भी अनुशासित करने की जरूरत है। दिनचर्या सही रखने और ऋतुओं के हिसाब से आहार व्‍यवहार करने से कई बीमारियों से हम अपना बचाव कर सकते हैं।

तनाव से बचने का यह भी तरीका अपनाएं

अगर आप तनाव से बचना चाहते हैं उसका सबसे आसान तरीका है सकारात्‍मक सोच है। सुबह भ्रमण करने, व्‍यायाम, योगासन, प्राणायाम, ध्‍यान, योग निद्रा से मानसिक तनाव दूर कर सकते हैं। साथ ही अपनी खुशियों का नियंत्रण अपने हाथ में रखने की कोशिश करना चाहिए। 

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