Mukim Kala Murder: तनिष्क डकैती के बाद मुजफ्फरनगर के चरथावल पहुंचा था मुकीम काला

मुकीम काला चरथावल में अपने गुर्गे के यहां शरण लेता था।

चित्रकूट जेल में गैंगवार में मारे गए कुख्यात मुकीम काला के खिलाफ जानसठ और बुढ़ाना में लूट और डकैती के दो मुकदमे दर्ज हैं। पड़ोसी जनपद शामली और सहारनपुर में वारदातों को अंजाम देने के बाद वह चरथावल में अपने गुर्गे के यहां शरण लेता था।

Prem Dutt BhattFri, 14 May 2021 11:20 PM (IST)

संदीप चौधरी, मुजफ्फरनगर। कुख्यात मुकीम काला के खिलाफ जानसठ और बुढ़ाना में लूट और डकैती के दो मुकदमे दर्ज हैं। पड़ोसी जनपद शामली और सहारनपुर में वारदातों को अंजाम देने के बाद वह चरथावल में अपने गुर्गे के यहां शरण लेता था। सहारनपुर के चर्चित तनिष्क शोरूम डकैती के बाद मुकीम चरथावल में अपने गुर्गे के पास पहुंचा था। कुल्हेड़ी के जंगल से पुलिस ने तनिष्क शोरूम से लूटी गई ज्वैलरी के खाली डिब्बे बरामद किए थे। फरवरी 2015 में तनिष्क शोरूम में डकैती डालने के बाद मुकीम चरथावल थानाक्षेत्र के गांव कुल्हेडी में अपने गुर्गे हफीज कुल्हेड़ी के पास पहुंचा था। पुलिस के हत्थे चढ़े मुकीम के गुर्गे महताब ने राजफाश किया था कि पहले वह लोग चरथावल और यहां से कांधला पहुंचे थे। कांधला से मुकीम की पत्नी को लेने के बाद वह लोग हरियाणा भाग गए थे। मुकीम के खिलाफ मुजफ्फरनगर जनपद में मात्र दो मुकदमे दर्ज हैं।

हफीज और रिहान को पुलिस ने किया था ढेर

मुकीम काला के गुर्गे रिहान निवासी सोरम को पुलिस ने चार मई 2018 को पीनना के जंगल में मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। इसके अलावा हफीज को सहारनपुर पुलिस ने अगस्त 2019 में ढेर कर दिया था।

कुछ दिन जिला कारागार में भी रहा था मुकीम

दिल्ली बार्डर पर पकड़े जाने के बाद शामली पुलिस उसे रिमांड पर लेकर आई थी। रिमांड पर लाने के बाद मुकीम को जिला कारागार भेजा गया था। कुछ दिन जिला कारागार में रखने के बाद मुकीम को सहारनपुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था।

जिला कारागार में भी हो चुकी है कैदी की हत्या

पहले बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी और अब चित्रकूट जेल में कुख्यात मुकीम काला की हत्या बानगी भर है। सूबे की संवेदनशील जेल में शुमार जिला कारागार की दीवार भी कैदियों के खून से लाल हो चुकी है। जिला कारागार में 25 जून 2016 को बंदियों के दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। इस गैंगवार में चरथावल थानाक्षेत्र के गांव दूधली निवासी कैदी चंद्रहास की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। अन्य कई बंदी और कैदी भी इस गैंगवार में घायल हुए थे। इस मामले में तत्कालीन जेलर और दो बंदी रक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया था।

एसएसपी नितिन तिवारी ने तोड़ी थी गैंग की कमर

सहारनपुर में तनिष्क डाके बाद शासन ने तत्कालीन सहारनपुर के एसएसपी भरत यादव को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद शासन ने एसएसपी नितिन तिवारी को सहारनपुर भेजा था। नितिन तिवारी ने मुकीम को छोड़कर उसके गिरोह के ज्यादातर बदमाशों को दबोचकर जेल भेजा था। ज्यादातर बदमाशों की गिरफ्तारी हरियाणा से हुई थी।

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