मेरठ को पुरातत्व सर्किल बनाने की मांग, केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मिले सांसद राजेंद्र अग्रवाल

मेरठ को पुरातत्व सर्किल बनाने की मांग, केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मिले सांसद राजेंद्र अग्रवाल

महाभारत का जब भी जिक्र होता है तो हस्तिनापुर के बिना वह अधूरा होता है। यह हस्तिनापुर मेरठ में ही है यह सभी को पता है। कई बार पुरातात्विक खोदाई मेरठ में हुई है।

Publish Date:Wed, 12 Aug 2020 04:13 PM (IST) Author: Prem Bhatt

मेरठ, जेएनएन। ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक रूप से महत्वपूर्ण मेरठ को उसका उचित महत्व दिलाने के लिए सांसद ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने मेरठ को पुरातत्व विभाग का अलग सर्किल बनाने की मांग रख दी है। इसके लिए उन्होंने बुधवार को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल से भेंट की। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि मेरठ का महत्व त्रेता युग से लेकर द्वापर युग और वर्तमान तक है। मेरठ का प्राचीन नाम मयराष्ट्र था। रावण की पत्नी मंदोदरी यहीं की थीं।

महाभारत का जब भी जिक्र होता है तो हस्तिनापुर के बिना वह अधूरा होता है। यह हस्तिनापुर मेरठ में ही है यह सभी को पता है। कई बार पुरातात्विक खोदाई मेरठ में हुई है। इसके साथ ही मेरठ के आसपास के जिलों में भी खोदाई होने पर विशेष प्रकार के अवशेष मिले हैं। मोदी सरकार ने हस्तिनापुर में संग्रहालय बनाने का निर्णय भी किया है। इन सभी महत्व को देखते हुए मेरठ के लिए अब अलग सर्किल होना चाहिए। वर्तमान में मेरठ आगरा सर्किल में आता है।

श्री कृष्ण सर्किट की भी दिलाई याद

सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री से भेंट के दौरान यह भी याद दिलाया कि हस्तिनापुर को श्री कृष्ण सर्किट में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि हस्तिनापुर महाभारत का अभिन्न हिस्सा रहा है इसलिए वह सर्किट तब तक अधूरा है जब तक उसमें हस्तिनापुर को शामिल नहीं किया जाता है। 

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