मोदी कालोनी को खाली करने का नोटिस चस्पा होने पर टकराव की स्थिति बनी

मोदी रबर कालोनी को खाली कराने को लेकर टकराव की स्थिति बनती जा रही है

JagranWed, 29 Sep 2021 07:30 AM (IST)
मोदी कालोनी को खाली करने का नोटिस चस्पा होने पर टकराव की स्थिति बनी

मेरठ,जेएनएन, मेरठ। मोदी रबर कालोनी को खाली कराने को लेकर टकराव की स्थिति बनती जा रही है। मोदी रबर कालोनी के अधिकारियों ने कालोनी खाली कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का नोटिस हिदी-अंग्रेजी भाषा में कालोनी की दीवारों पर चस्पा कर दिया है। वहीं कालोनी वालों ने भी साफ कर दिया है कि चस्पा नोटिस मोदी कालोनी का नहीं, हैदराबाद के किसी आदेश का नोटिस है। जिसे कापी कर कालोनी में चस्पा कर दिया है। मोदी कंपनी के अधिकारियों ने नोटिस चस्पा करने के बाद लीगल कार्रवाई की बात कही है।

मोदी रबर कंपनी के अधिकांश कर्मचारी रिटायर्ड होने के बाद भी मोदी कालोनी के फ्लैट्स में ही बस गए थे। इन कर्मचारियों का कहना था कि मोदी रबर कंपनी पर उनके लाखों रुपये बकाया हैं, जिसका आज तक हिसाब नहीं हुआ है। हमारे रुपये का हिसाब हो जाएगा, तो हम फ्लैट खाली कर देंगे। कालोनी में करीब पांच सौ फ्लैट्स हैं। जिनमें वर्तमान में करीब 225 में परिवार रहते हैं। इनसे अलग 27 परिवार पिछले दिनों ही खाली कर चले गए थे। कालोनी निवासी रिटायर्ड कर्मचारी आर तिवारी ने क्वा‌र्ट्स कालोनी रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन रजिस्टर्ड करा दी, जिसके वह खुद अध्यक्ष और दीपक बक्शी सचिव हैं। अध्यक्ष तिवारी ने कहा कि उनके समेत बाकी कर्मचारी साथियों का मोदी रबर कंपनी पर लाखों रुपये पीएफ, ग्रेच्युटी फंड, पेट्रोल बिल, मेडिकल बिल, वर्दी-जूते और छुट्टियों का पैसा बकाया है, जो अब ब्याज लगकर प्रति कर्मचारी लाखों रुपये बैठ रहा है। अध्यक्ष ने कहा कि कालोनी में जो सुप्रीम कोर्ट के नाम का नोटिस चस्पा है, वह हैदराबाद के किसी मामले में दिया गया आदेश है, जिसकी कापी कर कालोनी में चस्पा की गई है।

इन्होंने कहा कि..

मोदी रबर कालोनी को खाली कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का नोटिस चस्पा किया है। कोई भी कोर्ट की साइट पर इसे चेक कर सकता है। कालोनी वाले लेबर कोर्ट से लेकर अपर कोर्ट तक केस हार चुके हैं। नोटिस चस्पा के बाद अब लीगल कार्रवाई होगी।

राज बहल, वरिष्ठ मैनेजर, मोदी कंपनी

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