मेरठ : पुलिस हिरासत से भागे कुख्यातों पर इनाम में कंजूसी, SSP ने तलब किया बदमाशों का ब्‍योरा

मेरठ में सात साल पहले सदर बाजार थाने से फरार हुए बदमाश सुनील कुमार पर अभी तक पांच हजार का इनाम ही घोषित है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पहले ही दिन बदमाशों का ब्योरा मांगा है। देखना है कि इन बदमाशों पर इनाम बढ़ाकर गिरफ्तारी हो पाएगी या नहीं।

Prem Dutt BhattFri, 18 Jun 2021 04:10 PM (IST)
इनाम बढऩे पर शासन ने बनाया जाता है पकडऩे का दबाव। अब एसएसपी ने सूची मांगी है।

सुशील कुमार, मेरठ। जनपद में आठ बदमाश पुलिस कस्टडी से भागे हुए हैं। इनको पकडऩा पुलिस के लिए नामुमकिन सा हो गया है। यही कारण है कि पुलिस इन बदमाशों पर इनाम बढ़ाने से भी पीछे हट रही है। क्योंकि इनाम बढ़ाने के बाद शासन स्तर से लगातार गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया जाता है। सात साल पहले सदर बाजार थाने से फरार हुए बदमाश सुनील कुमार पर अभी तक पांच हजार का इनाम ही घोषित है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पहले ही दिन बदमाशों का ब्योरा मांगा है। देखना है कि इन बदमाशों पर इनाम बढ़ाकर गिरफ्तारी हो पाएगी या नहीं।

यह है हालात

ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी से भागे कुख्यात बदन सिंह बद्दो पर पुलिस ने ढाई लाख का इनाम घोषित किया था। वह अभी तक फरार है। इस मामले में शासन स्तर से बड़े अफसरों की गर्दन फंसी तो बद्दो की अलीशान कोठी पर बुलडोजर चला दिया गया। इसके अलावा बदन सिंह के बेटे सिकंदर पर पुलिस ने 25 हजार से ज्यादा इनाम नहीं बढ़ाया। इसके अलावा 2014 में सदर बाजार थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी से फरार हुआ छपरौली बागपत का रहने वाले सुनील कुमार पर पांच हजार का इनाम घोषित है। यही कारण है कि अभी तक पुलिस की धरपकड़ में सुनील का नाम तक नहीं आता है।

फायरिंग करते हुए फरार

परतापुर के अछरोड़ा निवासी मोनू कुख्यात बदमाश है। वह 2017 में सिविल लाइन क्षेत्र में विक्टोरिया पार्क के पास कस्टडी से पुलिस पर फायरिंग करते हुए फरार हो गया था। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के बनियापाड़ा निवासी नजाकत उर्फ पप्पू भी कचहरी में पेशी के दौरान चार साल पहले पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था। दोनों ही बदमाशों पर अभी तक 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है। सिविल लाइन पुलिस इनको पकड़ नहीं पाई है और न ही उन पर इनाम बढ़ाया जा रहा है। इसी तरह 2013 में मेडिकल थाना क्षेत्र से कुख्यात इरफान निवासी हर्रा सरूरपुर फरार हो गया था। अभी तक उस पर सिर्फ 50 हजार का इनाम घोषित है। बुलंदशहर के हलपुरा निवासी आदित्य और जागीरपुर निवासी संदीप भी 2018 में मेडिकल थाना क्षेत्र से फरार हुए थे। इन दोनों बदमाशों पर भी पुलिस सिर्फ 25 हजार का इनाम ही घोषित कर पाई।

इनाम नहीं बढऩे के पीछे यह है वजह

फरार हो चुके आठ बदमाशों को पकडऩे में पुलिस पूरी तरह से फेल हो गई है। इनाम बढऩे के बाद दूसरी एजेंसी बदमाशों की तलाश कर सकती है। साथ ही इनाम बढऩे पर शासन स्तर पर बदमाशों की निगरानी होती है, जिससे पुलिस पर उन्हेंं पकडऩे के लिए दबाव बनाया जाता है।

इनका कहना है

फरार चल रहे बदमाशों पर इनाम भी बढ़ाया जाएगा। साथ ही टीम लगाकर उनकी धरपकड़ की जाएगी। पचास हजार के इनामी सभी बदमाशों की धरपकड़ को टीम पहले से काम कर रही है।

- राजीव सभरवाल, एडीजी जोन

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