मेरठ : यात्रियों की उपलब्‍धता के आधार पर अब बसें संचालित करेगा रोडवेज, नोडल अफसर ने ली बैठक

मेरठ में मंगलवार को क्षेत्रीय प्रबंधक केके शर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि पांच बस अड्डों में खानपान के स्‍टालों के 44 प्रस्‍ताव स्‍वीकृति के लिए मुख्‍यालय भेजे गए हैं इनके बारे निर्णय होते ही भैंसाली समेत अन्‍य बस अड्डों पर यात्रियों को नई सुविधाएं मिलेंगी।

Prem Dutt BhattTue, 03 Aug 2021 05:53 PM (IST)
उप्र परिवहन निगम की बसों का संचालन अब चुनौती बनता जा रहा है।

मेरठ, जागरण संवाददाता। मेरठ कोरोना काल में यात्रियों की संख्‍या में आई कमी और डीजल के दामों लगातार बढ़ोत्‍तरी से उप्र परिवहन निगम की बसों का संचालन चुनौती बन गया है। मंगलवार को मुख्‍यालय से नोडल अधिकारी आरबीएल शर्मा ने मेरठ परिक्षेत्र के पांच बस अड़डों के एआरएम और फोरमैनों के साथ बैठक की। कहा जिन रूटों पर औसत कम आ रहा है उन रूटों पर बसों के संचालन की समीक्षा की जाए। जहां के लिए यात्री उपलब्‍ध हैं वहां के लिए बसों को तुरंत उपलब्‍धता सुनिश्चित की जाए।

प्रदेश में तीसरा स्‍थान

उन्‍होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि टायरों और बैट्री की सप्‍लाई आरंभ हो गई है। अब मरम्‍मत के सामान के अभाव में बसों के संचालित होने की शिकायतें नहीं मिलेंगी। नोडल अधिकारी ने कहा मेरठ परिक्षेत्र ने प्रतिकूल स्थितियों में अच्‍छा राजस्‍व एकत्र कर प्रदेश में तीसरा स्‍थान प्राप्‍त किया है। ईटीएम के बारे में कहा कि टेंडर प्रक्रिया चल रही है जल्‍द यह दिक्‍कत दूर होगी। क्षेत्रीय प्रबंधक केके शर्मा ने कहा कि पांच बस अड्डों में खानपान के स्‍टालों के 44 प्रस्‍ताव स्‍वीक्रति के लिए मुख्‍यालय भेजे गए हैं इनके बारे निर्णय होते ही भैंसाली समेत अन्‍य बस अड्डों पर याञियों को नई सुविधाएं मिलेंगी। सोहराब गेट बस अड्डे को पीपीपी माडल के तहत विकसित करने की प्रकिया अब तेजी से चलेगी। यात्रियों की सुविधाओं को भी ध्‍यान में रखा जाएगा। कर्मचारियों के हितों में फैसले लिए जाएंगे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.