Meerut Coronavirus News: कोरोनावायरस से दो की मौत, 11 नए मामले, ब्‍लैक फंगस के रह गए महज 29 मरीज

यह राहत देने वाली बात है कि मेरठ में कोरोना के मामलों में कमी आने के साथ ही ब्लैक फंगस के केस घट गए। मेडिकल कालेज के डा. वीपी सिंह ने बताया कि वार्ड में महज दस मरीज हैं। जबकि जिले के अन्य अस्पतालों को मिलाकर 29 मरीज बचे हैं।

Prem Dutt BhattWed, 23 Jun 2021 07:18 AM (IST)
मेरठ में कोरोना 68 मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है।

मेरठ, जेएनएन। Meerut Corona News मेरठ और आसपास कोरोना संक्रमण फिलहाल थम गया है। मंगलवार को 5212 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें 11 में वायरस मिला। 59 मरीज भर्ती किये गए हैं, जबकि 68 मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। 182 केस एक्टिव हैं। दो की मौत हुई है। 15 मरीज डिस्चार्ज किए गए हैं। मेडिकल कालेज में तीन मरीज भर्ती हैं। हालांकि अभी कोरोना को लेकर पूरी तरह से सावधानी बरतने की जरूरत है।

ब्लैक फंगस के महज 29 मरीज रह गए

मेरठ में कोरोना के मामलों में कमी आने के साथ ही ब्लैक फंगस के केस घट गए। मेडिकल कालेज के डा. वीपी सिंह ने बताया कि वार्ड में महज दस मरीज हैं। जबकि जिले के अन्य अस्पतालों को मिलाकर 29 मरीज बचे हैं। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि जिले में कुल 319 मरीज मिल चुके हैं, जिसमें से 265 डिस्चार्ज कर दिए गए। 30 मरीजों की मौत हो गई है। मेडिकल कालेज में अब तक 209 मरीज भर्ती किए गए जा चुके हैं।

कोरोना से बचाव में हर टीका है कारगर

कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों कोरोना के रोकथाम के लिए कारगर वैक्सीन हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कौन सा टीका आपको मिलता है। महत्वपूर्ण है कि आप जल्द से जल्द टीकाकरण कराएं। यह कहना है किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में पल्मोनरी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष प्रो. सूर्यकांत त्रिपाठी का। वे चौधरी चरण सिंह विवि के जंतु विज्ञान की ओर से आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अभी 18 वर्ष से कम उम्र के छात्रों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से पीडि़त लोगों को टीका नहीं लगवाना चाहिए।

जागरूकता की कमी

कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने बताया कि जागरूकता की कमी लोगों में वैक्सीन लगवाने में झिझक का कारण है। शिक्षित लोगों को जागरूक करना चाहिए। प्रति कुलपति प्रो. वाई. विमला ने कहा कि हमें यह जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाकर बताना चाहिए कि टीकाकरण से कोई खतरा नहीं है। संचालन जंतु विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो. नीलू जैन ने किया।

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