मेरठ कमिश्‍नर ने विकास कार्यों की समीक्षा की, जिम्मेदारी तय करने को दिए सख्‍त निर्देश

विकास योजनाओं को बढ़ाने के साथ अवैध निर्माण का हाल देख नाराज कमिश्नर ने कार्रवाई के साथ-साथ जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। साथ ही ध्वस्तीकरण अभियान तेज करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्‍होंने कहा कि सभी की जिम्‍मेदारी तय होनी चाहिए।

Himanshu DwivediWed, 15 Sep 2021 11:58 AM (IST)
मेरठ कमिश्‍नर ने विकास कार्यों की समीक्षा की।

जागरण संवाददाता, मेरठ। कमिश्नर ने वचरुअल माध्यम से मंगलवार को मंडल के सभी विकास प्राधिकरणों की समीक्षा की। विकास योजनाओं को बढ़ाने के साथ अवैध निर्माण का हाल देख नाराज कमिश्नर ने कार्रवाई के साथ-साथ जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। साथ ही ध्वस्तीकरण अभियान तेज करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्‍होंने कहा कि सभी की जिम्‍मेदारी तय होनी चाहिए। किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी के कामों की समीक्षा भी की जाएगी। साथ ही गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।

वचरुअल बैठक में कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कई मामले संज्ञान में है, जिसमें पहले प्राधिकरण मिलीभगत कर अवैध निर्माण को बढ़ावा देता है और दबाव पड़ने पर निर्माण को रुकवा दिया जाता है। कमिश्नर ने इस प्रवृत्ति को तत्काल रोकने व जांच कराकर कार्रवाई के साथ जिम्मेदारी तय करने के लिए निर्देशित किया। उपाध्यक्ष को जोन वार समीक्षा करने, खराब प्रदर्शन करने वाले जोन इंचार्ज से स्पष्टीकरण लेने व कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए। साथ ही अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण अभियान को तेज करने व आदेश न मानने वाले कर्मचारियों को उत्तरदायित्व निर्धारित करने के लिए कहा। बैठक में एक्सप्रेस-वे, हाईवे की आपस में बेहतर कनेक्टिविटी के साथ गाजियाबाद और मेरठ में बन रहे रैपिड रेल व मेट्रो प्रोजेक्ट को आसपास के एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए नए मार्गो का निर्माण पर जोर दिया।

मुख्य निर्देश

अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष दस्ता गठित कराएं।

दस्ते में पूर्व सैनिकों को शामिल किया जाए।

30 सितंबर तक अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करें।

प्राधिकरण संपत्ति बिक्री के लिए मेलों का आयोजन करें।

तय समयसीमा में पूरी की जाएं बड़ी परियोजनाएं।

गिनती के अवैध निर्माण ध्वस्त

मेरठ विकास प्राधिकरण में 1487 अवैध निर्माण में से 178 ध्वस्त किए गए, जबकि 169 के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई की गई। डिवाइडर ग्रीनरी का रखरखाव खराब मिला। ठेकेदार से वसूली के निर्देश दिए। 

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