Giloy and Brew Effected to Corona: काढ़ा और गिलोय है कोरोना उपचार में बेहद लाभदायक

कोरोना संक्रमण के दौरान गिलोय और काढ़ा असरदार।

कोरोना संक्रमण में लोग इससे बचाव के अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। आयुर्वेद पद्धति को अपनाकर वायरस से बचाव कर सकते हैं। आयुर्वेद उपचार ज्यादा कारगर साबित भी हो रहा है। इसमें काढ़ा और भाप लेने की प्रक्रिया ने लोगों को संबल दिया है।

Himanshu DwivediMon, 10 May 2021 09:42 AM (IST)

मेरठ, जेएनएन। कोरोना संक्रमण में लोग इससे बचाव के अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। आयुर्वेद पद्धति को अपनाकर वायरस से बचाव कर सकते हैं। आयुर्वेद उपचार ज्यादा कारगर साबित भी हो रहा है। इसमें काढ़ा और भाप लेने की प्रक्रिया ने लोगों को संबल दिया है। यह कहना है पीएल शर्मा जिला अस्पताल के आयुष ¨वग के आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डा. भगत सिंह का।

उन्होंने बताया कि कोविड-नान कोविड दोनों ही तरह के मरीजों को काढ़ा फायदेमंद होता है। यह काढ़ा घर पर बना सकते हैं। तुलसी, गिलोय, मुलेठी, काली मिर्च, हल्दी, दालचीनी और नीबू का काढ़ा बनाकर पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। गिलोय घनबटी सुबह-शाम, त्रिभुवन कीर्ति रस, लक्ष्मी विलास रस, सितोपलादी चूर्ण, अमृताविष्ट लिया जा सकता है। गले की खराश, जुकाम और सर्दी से आराम मिलता है। इसके अलावा संक्रमण से बचने के लिए दूध में हल्दी डालकर पीएं। च्यवनप्राश का उपयोग करें। वहीं, बुखार होने की स्थिति में आयुष 64 टेबलेट कोरोना में काफी कारगर है। इन सबके अलावा गरम पानी पीना है और भाप लेना हैं।

डरने के साथ ही कोरोना से लड़ना भी है जरूरी

कोविड महामारी से डरने के साथ-साथ लड़ना भी जरूरी है। डर कर हम शारीरिक दूरी रखें। अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और मास्क लगाकर ही निकलें। सावधानी रखने से कोरोना से बच सकते हैं। फिर भी अगर कोविड संक्रमण हो भी जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। उस समय डटकर मुकाबला करने की जरूरत है।

छह अप्रैल को मुङो कमजोरी हुई। शरीर का तापमान भी बढ़ा। पैरासीटामाल की गोली खाई। शुरुआती लक्षण देख कोविड टेस्ट कराया तो पाजिटिव निकला। दो दिन लूज मोशन भी रहा।

बाद में सिटी स्कैन कराया तो कुछ संक्रमण दिखा। डाक्टर की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हुआ। रेमडेसिविर इंजेक्शन भी लगा। इसके बाद कुछ दिन होम आइसोलेशन पर रहने के बाद 18 अप्रैल को फिर से काम पर लौटा। इस बीमारी में दवाओं के साथ खुद को अनुशासन में रखना भी जरूरी है। कुछ घरेलू उपाय भी करता रहा। काढ़ा और गुनगुना पानी पीने के अलावा लूज मोशन के लिए जीरा भूनकर पाउडर बनाकर गुनगुने पानी से लिया। दो दिन में लूज मोशन ठीक हो गया। इस बीमारी में संतुलित डायट जरूरी है। फल और सब्जियों को सेवन करना चाहिए। कई लोग आक्सीजन स्तर कम होने घबरा जाते हैं, जबकि शरीर की कई क्रियाओं के बाद यह घटता-बढ़ता है। अगर 95 से अधिक आक्सीजन है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। घर पर आराम करते हुए पौष्टिक आहार लेते रहें तो जल्द रिकवरी होगी।

धीरेंद्र कुमार, रजिस्ट्रार, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ। 

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