महिला क्रिकेट को भी मेरठ ने दिया स्विंग मास्टर

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोनों ओर से गेंद को स्विंग करने वाले पीके उर्फ प्रवीण कुमार के बाद भुवनेश्वर कुमार भारतीय टीम के स्विंग मास्टर बन गए हैं। अब एक बार फिर मेरठ की धरती ने भूमि कांत के रूप में महिला क्रिकेट का एक स्विंग मास्टर दिया है।

JagranWed, 20 Oct 2021 09:37 AM (IST)
महिला क्रिकेट को भी मेरठ ने दिया स्विंग मास्टर

मेरठ, जेएनएन। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोनों ओर से गेंद को स्विंग करने वाले पीके उर्फ प्रवीण कुमार के बाद भुवनेश्वर कुमार भारतीय टीम के स्विंग मास्टर बन गए हैं। अब एक बार फिर मेरठ की धरती ने भूमि कांत के रूप में महिला क्रिकेट का एक स्विंग मास्टर दिया है। भूमि योरकर गेंद डालने में भी माहिर हैं। अंडर-19 के कैंप तक पहुंची भूमि का सत्र 2021-22 के लिए सीधे उत्तर प्रदेश की रणजी ट्राफी स्क्वाड में हो गया है।

रणजी कैंप में कई सीनियर खिलाड़ियों के बीच पहले ही मैच में चार गिल्लियां उखाड़ने वाली राइट आर्म मीडियम फास्ट गेंदबाज भूमि पर चयनकर्ताओं की नजर ऐसे टिकी कि वह उनका नाम 31 अक्टूबर को शुरू हो रहे रणजी ट्राफी मैच के लिए बनी उप्र टीम के 23 खिलाड़ियों के स्क्वाड में शामिल करने से नहीं रह सके।

गली क्रिकेट में गिल्ली उड़ी तो चलने लगी फिरकी

टीपी नगर में देवपुरी निवासी भूमि के पिता उमा कांत सबमर्सिबल के उपकरण बनाते हैं। महावीर शिक्षा सदन में शिक्षा के दौरान भूमि ने मोहल्ले में गली क्रिकेट खेलना शुरू करना। गेंद पर पकड़ और विकेट पर सटीक जाती गेंद से दनादन गिल्लियां उड़ाने लगी तो स्कूल की टीम में जगह बना ली। स्कूल टीम में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भूमि का मनोबल बढ़ा। माता-पिता के विश्वास ने भूमि का आत्मविश्वास बढ़ाया तो वर्ष 2018 में भूमि ने जेएसएम क्रिकेट एकेडमी के कोच विपिन वत्स के मार्गदर्शन में क्रिकेट की बारीकियों का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया। कोच ने भूमि में टैलेंट देखा और खर्च की फिक्र से भूमि को बेफिक्र रखते हुए प्रशिक्षण पर फोकस कराया। सीधे रणजी टीम में बनाई जगह

भूमि ने लाकडाउन के पहले सत्र 2019-20 में भामाशाह पार्क में अंडर-19 ट्रायल में हिस्सा लिया था। वह चयनित हुई और कानपुर में आयोजित कैंप का हिस्सा भी रहीं। टीम में स्थान नहीं बना सकी। अब इस साल रणजी ट्राफी ट्रायल में पहुंची और कैंप के लिए चयनित होकर टीम में भी स्थान पक्का किया। महिला क्रिकेट में स्टार क्रिकेट गेंदबाज झूलन गोस्वामी को अपना आदर्श मानने वाली भूमि ने रणजी कैंप के तीन मैच में पांच विकेट झटके जिसमें पहले ही मैच में चार विकेट ले लिया। इसी दौरान हुए चैलेंजर ट्राफी के दो मैच में भूमि को विकेट नहीं मिला लेकिन पहले प्रदेश स्तरीय पदार्पण में उनके आत्मविश्वास ने स्क्वाड में स्थान दिलाया। भूमि के अनुसार पहला मैच कर्नाटक से है और प्लेइंग-11 में स्थान मिला तो उनका फोकस विकेट लेने के अलावा कुछ नहीं होगा। रणजी का दबाव दिमाग से निकाल दिया है : कोच विपिन

भूमि के कोच विपिन वत्स के अनुसार पहली बार रणजी में पहुंचने पर खिलाड़ी पर रणजी के नाम का दबाव अधिक होता है। भूमि के दिमाग से वह दबाव व डर निकाल दिया है जिसका परिणाम उनका प्रदर्शन है। प्रदर्शन पर पकड़ी रही तो वह जब पहली बार रणजी में जा सकती है तो पहली बार इंडिया टीम में भी स्थान बना सकती है।

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