Maulana Kaleem News: वेस्ट यूपी के अफसर और नेताओं से मौलाना कलीम का गहरा जुड़ाव,ATS को मिली अहम जानकारियां

Maulana Kaleem News अवैध मतांतरण और फडिंग को लेकर गिरफ्तार किए गए मौलाना कलीम के वेस्‍ट यूपी के नेताओं और अफसरों के साथ संबंध भी सामने आ रहे हैं। मौलाना के मंसूबों को देख अब हर कोई उनसे अपने संबंध विच्छेद कर रहा।

Prem Dutt BhattFri, 24 Sep 2021 09:35 AM (IST)
कुछ अफसर तो हर माह मौलाना के फुलत मदरसे में आना-जाना किया करते थे।

मेरठ, जागरण संवाददाता। इस्लामिक विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीकी का जुड़ाव वेस्ट यूपी के नेता और अफसरों से भी रहा है। मेरठ और मुजफ्फरनगर में तैनात कुछ अफसर को हर माह उनके फुलत स्थित मदरसे में मिलने भी जाया करते थे। मौलाना की गिरफ्तारी के बाद सभी अफसर और नेता भी हैरत में है। मौलाना की काल डिटेल में इसकी जानकारी एटीएफ को मिली है। हालांकि अब हर हाल में हर कोई मौलाना से संबंध विच्छेद करने में लगा है।

एटीएस का यह दावा

मुजफ्फरनगर के फुलत गांव निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी देशव्यापी सिंडिकेट चलाकर मतांतरण के लिए हवाला के जरिये फंडिंग करते थे। एटीएस ने दावा किया कि मौलाना शरीयत के अनुसार व्यवस्था लागू कर जनसंख्या अनुपात बदलने के लिए वृहद स्तर पर मतांतरण कराते थे। मौलाना कलीम सिद्दीकी के लिए एटीएस ने सिविल पुलिस को साथ लेकर काफी जानकारी जुटाई है। मौलाना के फुलत स्थित मदरसे में कौन-कौन नेता और अफसर जाते थे। इसकी जानकारी भी एटीएस को मिल चुकी है। मौलाना की मोबाइल काल से भी कुछ अफसरों और नेताओं का नाम सामने आया है।

अफसरों पर गिर सकती है गाज

वेस्ट यूपी में तैनात शीर्ष पदों पर रहे अफसर भी मौलाना से अक्सर मिलने के लिए फुलत स्थित मदरसे में जाया करते थे। ऐसे में देखा जा रहा है कि मौलाना कलीम सिद्दकी से नेता और अफसरों के संबंध किस प्रकार के रहे है। माना यहां तक जा रहा है कि उन अफसरों पर भी गाज गिर सकती है। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी से जुड़े प्रत्येक मामले की जांच की जा रही है। साथ ही उनके खिलाफ एटीएस के साथ पर्याप्त साक्ष्य भी है।

प्रेमी-युगल का भी करा चुके मतांतरण

दो संप्रदाय से जुड़े प्रेमी युगलों के लिए भी फुलत का मदरसा पहनागाह का काम करता था। मौलाना प्रेमी-युगलों की शादी कराकर उन्हें भी मतांतरणे में अहम भूमिका निभाते थे। इसके लिए उनकी टीम काम करती थी। एटीएस की टीम ने कलीम सिद्दकी से जुड़े हाफिज इदरीश को भी मुजफ्फरनगर से उठाया है। उसके बाद अन्य लोगों की भी पड़ताल को एटीएस ने मुजफ्फरनगर के रतनपुरी में डैरा डाला हुआ है।

यू-ट्यूब से भी मिले मौलाना के खिलाफ साक्ष्य

वेस्ट यूपी के अलावा भी राजस्थान, मथुरा, आगरा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में मौलाना कलीम सिद्दीकी के हाथों पर तौबा कर इस्लाम को कबूल किया जाता था। मौलाना देशभर में इसके लिए कैंप चलाते थे, जहां पर मौलाना कलीम सिद्दकी की टीमें काम करती थी। इन कैंपों को दावत का नाम दिया जाता था। कैंपों की जिम्मेदारी उन लोगों को सौंप दी जाती थी, जो इस्लाम धर्म कबूल कर उनके साथ आए हैं। साथ ही उनके इंटरव्यू कराकर दूसरे लोगों को इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए प्रेरित किया जाता था। उनकी कुछ किताबें भी इस्लामिक धर्म का पाठ पढ़ाती है। एसटीएस की टीम यू-ट्यूब से भी कलीम सिद्दकी के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है। कलीम सिद्दीकी के कैंप के बारे में जानकारी की जा रही है।

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