लोकमान्य तिलक ने दी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा

सूरजकुंड स्थित आरएसएस के विश्व संवाद केंद्र पर शुक्रवार को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर वर्चुअल संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसका विषय लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पत्रकारिता रहा।

JagranSat, 24 Jul 2021 07:22 AM (IST)
लोकमान्य तिलक ने दी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा

मेरठ, जेएनएन। सूरजकुंड स्थित आरएसएस के विश्व संवाद केंद्र पर शुक्रवार को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर वर्चुअल संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसका विषय लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पत्रकारिता रहा। संगोष्ठी की शुरुआत लोकमान्य के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर हुई।

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता महात्मा गांधी केंद्रीय विवि बिहार के गांधी शोध केंद्र के समन्वयक डा. अंबिकेश त्रिपाठी रहे। उन्होंने कहा कि लोकमान्य तिलक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वह तेजस्वी व्यक्तित्व हैं, जिन्हें संपूर्ण रूप से अभी भी जानने की जरूरत है। इस दौरान अंबिकेश ने उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं पर बताते हुए कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को दिशा देने का जो काम तिलक ने किया वह अभूतपूर्व है। उन्होंने केसरी व मराठा जैसे समाचार पत्रों की स्थापना कर न सिर्फ अंग्रेजी शासन के खिलाफ आवाज उठाई बल्कि भारतीय समाज को भी जागृत किया। इससे तत्कालीन ब्रिटिश शासन की नींव हिल गईं। इसके बाद संगोष्ठी के अध्यक्ष व प्रज्ञा प्रवाह के क्षेत्रीय शोध समन्वयक अजय मित्तल ने तिलक की पत्रकारिता के आरंभिक काल व लेखन के बारे में विस्तार से बताया। संगोष्ठी का संचालन अंबरीश पाठ ने किया।

जयंती पर चंद्रशेखर आजाद को किया याद : शुक्रवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार के सदस्यों द्वारा महान क्रातिकारी व भारत की आजादी के नायक चंद्रशेखर आजाद की भी जयंती मनाई गई। पश्चिमी कचहरी रोड स्थित आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के सदस्य केपी सिंह ने कहा कि आजादी के लिए बलिदान देने वाले ऐसे वीर पुरुषों की देश भक्ति का युवा पीढ़ी को अनुसरण करना चाहिए। वहीं समाजसेवी सरबजीत सिंह कपूर ने कहा कि आजादी के लिए संघर्ष करने वाले चंद्रशेखर आजाद महान क्रातिकारी थे। इस दौरान रमेशचंद्र, विजय गुप्ता, पुनीत शर्मा, उदयवीर आदि सेनानी परिवार के सदस्य मौजूद रहे।

चंद्र शेखर आजाद का जन्म उत्सव मनाया: मवाना में विहिप-बजरंग दल ने शुक्रवार को महामाई स्थित बजरंग दल कार्यालय पर चंद्रशेखर आजाद का जन्म उत्सव मनाया। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विनोद खटीक ने चंद्रशेखर आजाद के बारे में बारे में विस्तार से बताया। चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को आदिवासी ग्राम भावरा में हुआ था। काकोरी ट्रेन डकैती और सांडर्स की हत्या में सम्मिलित निर्भीक देशभक्त व क्रांतिकारी आजाद का नाम स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अहम स्थान रखता है। देशभक्त क्रांतिकारी चंद्रशेखर का जीवन बड़े ही संघर्ष में गुजरा। अंतिम समय में 27 फरवरी 1931 अल्फ्रेड पार्क में अंग्रेजों ने उन्हें घेर लिया। आजाद ने अंग्रेजों के द्वारा ना मरकर अपनी ही गोली से अपने आप को समाप्त कर दिया। कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष उज्जवल रस्तोगी, मनीष शर्मा, मोनू जाटव, शिखर, अर्जुन, राहुल, अश्वनी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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