आइए रक्तदान करें तभी खत्म होगा ब्लड बैंकों का सूखा

कोरोना काल के संकट के बीच ब्लड बैंक सूख गए। पहली लहर में जहा कई महीनों तक ब्लड

JagranMon, 14 Jun 2021 06:12 AM (IST)
आइए रक्तदान करें तभी खत्म होगा ब्लड बैंकों का सूखा

मेरठ,जेएनएन। कोरोना काल के संकट के बीच ब्लड बैंक सूख गए। पहली लहर में जहा कई महीनों तक ब्लड का संकट बना रहा, वहीं दूसरी लहर में ब्लड की उपलब्धता न्यूनतम स्तर पर आ गई। थैलेसीमिया और हीमोफीलिया के मरीजों के लिए भी ब्लड आपूर्ति में बड़ी बाधा आई। रक्तदान शिविर लगे तो कोरोना संक्रमण की डर से लोग ही नहीं पहुंचे।

जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डा. कौशलेंद्र का कहना है कि क्षमता आठ सौ यूनिट की है, लेकिन गत दिनों उपलब्धता 130 यूनिट तक रह गई थी। वर्तमान में प्रतिदिन 30 यूनिट की खपत है, जबकि नान कोविड के दौरान 50-60 यूनिट ब्लड की आपूíत हो रही थी। सबसे ज्यादा रक्त की खपत जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत होती है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में थैले व हीमोफीलिया के 70 मरीज पंजीकृत हैं। एसआइसी डा. हीरा सिंह ने कहा कि ओपीडी व सर्जरी दोबारा शुरू होने के साथ ही रक्तदान कैंप लगाया जाएगा। वहीं, मेडिकल कालेज की डा. प्रीति ने बताया कि आठ सौ यूनिट की क्षमता वाले ब्लड बैंक में महज 130 यूनिट ब्लड उपलब्ध है। इमरजेंसी केस, प्रसव व सर्जरी के लिए ब्लड की आपूर्ति में बाधा नहीं आई है। एबी पाजिटिव और निगेटिव ब्लड ग्रुप वालों की संख्या कम है, जबकि ओ पाजिटिव ग्रुप का ब्लड ज्यादा उपलब्ध है। उधर, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की महानगर इकाई ने गत दिनों आइएमए भवन व शकर आश्रम में रक्तदान कर

लोगों का मनोबल बढ़ाया।

बच्चों को संस्कारवान बनाने पर दिया बल: भारत विकास परिषद हस्तिनापुर प्रांत के तत्वावधान में वर्चुअल माध्यम से प्रांतीय महिला सहभागिता एवं बाल संस्कार शाला का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं व बच्चों संस्कार का महत्व बताया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रांतीय अध्यक्ष शरत चंद्रा ने दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम उद्घोष के साथ किया। प्रांतीय महासचिव डा.आर के सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महामंत्री श्याम शर्मा, विशिष्ट अतिथि डा. तरुण शर्मा, राष्ट्रीय अतिरिक्त महामंत्री एवं विशिष्ट अतिथि अनुराग दुबलिश रहे। नीता दुबलिश ने यज्ञ करने की विधि और यज्ञ का हमारे जीवन में महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि यज्ञ करने से मन की शुद्धि, घर की शुद्धि एवं पर्यावरण की शुद्धि होती है। लता अरोरा ने आध्यात्म पर विचार रखे और कहानियों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को संस्कार के विषय में बताया। डा. तरुण शर्मा ने परिषद द्वारा महिला एवं बाल संस्कार पर किये जा रहे कार्यों को सराहा। कहा कि माताओं का बच्चों को संस्कारी बनाने में विशेष स्थान है। राष्ट्रीय मंत्री अनुराग दुबलिश ने सभी शाखाओं से इस तरह के शिविरों का आयोजन करने का आह्वान किया। डा. लता शर्मा ने भारतीय संस्कृति के विषय में बच्चों एम महिलाओं से प्रश्न पूछे गए। प्रांतीय महिला संयोजिका नीलम शर्मा ने बताया कि 245 सदस्यों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। 12 जून से चल रहा यह आयोजन 19 जून तक प्रत्येक दिन शाम 6.15 बजे से 8.00 बजे तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में नरेश चंद गोयल, विनीत संघल, रीजनल मंत्री, अशोक गुप्ता, नवीन सिघल, राजीव मलिक, नरेंद्र गोयल, परम कीíत शरण अग्रवाल का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन डा.आर. के. सिंह, प्रांतीय महासचिव एवं श्रीमती नीता दुबलिश प्रांतीय चेयरमैन महिला एवं बाल विकास ने संयुक्त रुप से किया।

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