आइटीएमएस प्रोजेक्ट लाएगा शहर में कई बड़े बदलाव

इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम ( आइटीएमएस) अर्थात अत्याधुनिक तकनीक से लैस

JagranTue, 22 Jun 2021 10:12 AM (IST)
आइटीएमएस प्रोजेक्ट लाएगा शहर में कई बड़े बदलाव

मेरठ,जेएनएन। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम ( आइटीएमएस) अर्थात अत्याधुनिक तकनीक से लैस यातायात प्रणाली। जो मूर्त रूप लेने के साथ शहर में कई बड़े बदलावों का साक्षी बनेगा। न केवल शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी बल्कि इससे अनुशासित व सुरक्षित यातायात भी स्थापित होगा। प्रदूषित होते पर्यावरण के सुधार में सहायक सिद्ध होगा। राज्य स्मार्ट मिशन सिटी के तहत इस सिस्टम को स्थापित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

नगर निगम के अधिशासी अभियंता अमित शर्मा ने बताया कि आइटीएमएस प्रोजेक्ट की प्री-बिड मीटिग हो चुकी है। जिसमें देश की कई बड़ी कंपनियों समेत कुल 18 कंपनियों ने रूचि दिखाई है। हालांकि टेंडर से एक कंपनी को ही फाइनल किया जाएगा। टेंडर 26 जून को खुलेगा। नगर निगम की तरफ से आइटीएमएस कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए तीन स्थान चिहित किए गए हैं। जिसमें नगर निगम परिसर में निर्माण शाखा के ऊपर का भवन, टाउन हाल परिसर और शास्त्री नगर नई सड़क स्थित निगम की रिक्त प़ड़ी जमीन शामिल है। इनमें से एक स्थान शासन की अनुमति से तय किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में नौ चौराहों तेजगढ़ी, कमिश्नरी चौराहा, हापुड़ अड्डा, बच्चा पार्क, जेलचुंगी, गांधी आश्रम, ईव्ज चौराहा, साकेत, एल ब्लाक चौराहा को शामिल किया गया है।

जाम मुक्त और अनुशासित होगा ट्रैफिक

- आइटीएमएस में शहर के सारे चौराहों पर आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली हो जाएगी। जो एक कंट्रोल रूम से संचालित होगी। इससे आटोमेटिक ट्रैफिक नियंत्रित होगा। चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की जरूरत नहीं पड़ेगी।

कंट्रोल रूम में बैठकर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले वाहनों की नंबर प्लेट ट्रैस हो जाएगी। वाहन स्वामी के घर ई चालान पहुंचेगा। इससे यातायात अनुशासित होगा। ई चालान से राजस्व बढ़ जाएगा।

- मेडिकल इमरजेंसी या अन्य आपात स्थितियों में चौराहों पर आटोमेटिक साउंड सिस्टम से मार्ग को ग्रीन कोरिडोर में तब्दील कर दिया जाएगा। एंबुलेंस व फायर वाहन के लिए रास्ता साफ किया जा सकेगा। विरोध सभा, प्रदर्शन व अन्य कारणों से जाम लगने पर तत्काल यातायात डायवर्ट किया जा सकेगा।

अपराध का ग्राफ कम करेगा

-चौराहों पर हाइ क्वालिटी के सीसीटीवी या पीटीजेड कैमरे लगने से अपराध पर लगाम लगेगा। अपराध करने वाले चौराहों से गुजरेंगे तो उनके वाहन की नम्बर प्लेट तो ट्रेस होगी ही, उनका ़फोटो भी कैप्चर हो सकेगा। कंट्रोल रूम से निगरानी रखी जाएगी। -चौराहों पर इमरजेंसी काल बाक्स लगेंगे। मोबाइल गिरने, पर्स छीनने, छेड़छाड़ करने, चैन स्नेचिग और दुर्घटना होने पर तत्काल इमरजेंसी काम बाक्स के जरिये पुलिस की मदद मिल सकेगी। थाने जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चौराहों पर एलईडी स्क्रीन लगेगी। जिसके जरिये दंगे या अफवाह फैलने से रोकने के लिए उच्च अधिकारी तत्काल आडियो व वीडियो मैसेज जारी कर लोगों को सही जानकारी दे सकेंगे। अतिक्रमण पर नजर रखेंगे।

वायु गुणवत्ता सुधार में होगा मददगार

-चौराहों पर एनवायरमेंट सेंसर लगेंगे। हर चौराहे व उसके आसपस के क्षेत्र की एयर क्वालिटी का आंकलन हो सकेगा। इसके आधार पर प्रदूषण नियंत्रण के उपाय किये जाएंगे। -आइटीएमएस के लिए सभी चौराहों का सौंदर्यीकरण होगा। चौराहों की रोटरी नई डिजाइन में दिखेगी। चौराहों पर ग्रीनरी विकसित होगी। ------

तीन स्थानों पर होगी फ्री वाई-फाई की सुविधा

इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में निश्शुल्क वाई-फाई की सुविधा देने का भी प्राविधान रखा गया है। जिसमें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ कालेज और टाउनहाल परिसर को शामिल किया गया है।

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जनसमस्याओं के निस्तारण का बनेगा माध्यम

-आइटीएमएस प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक मोबाइल ऐप विकसित किया जाएगा विकसित किया जाएगा। जिसके जरिए लोग समस्याओं को आइटीएमएस के डाटा कंट्रोल रूम तक पहुंचा सकेंगे।

-संबंधित विभाग व अधिकारी समस्याओं का निराकरण करके इसी सिस्टम के माध्यम से शिकायतकर्ता को अवगत करा सकेंगे। सड़क, पानी, बिजली, सफाई से संबंधित समस्याओं का निदान त्वरित हो सकेगा।

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विकसित होगा ट्रैफिक पार्क, बच्चे जानेंगे

आइटीएमएस प्रोजेक्ट के अंतर्गत भविष्य में ट्रैफिक पार्क विकसित करने की भी योजना है। जहां पर स्कूली बच्चों को ट्रैफिक नियमों व उनके संचालन की अत्याधुनिक तकनीक की जानकारी दी जाएगी। प्रदेश सरकार ट्रैफिक नियमों को स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल करने पर पहले से जोर दे रही है।

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-आइटीएमएस प्रोजेक्ट मेरठ शहर और शहर की यातायात व्यवस्था की दशा और दिशा बदलेगा। यह शासन की प्राथमिकता में है। इसी माह टेंडर फाइनल होने की उम्मीद है। नगर निगम की तरफ से तेजी के साथ इसे स्थापित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

- मनीष बंसल, नगर आयुक्त।

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