कृषि विवि में हंगामा, पुलिस के पहरे में हुआ साक्षात्कार

कृषि विवि में कर्मचारी यूनियन की चेतावनी के बाद सुरक्षा की दृष्टि से सोमवार को नई नियुक्ति के लिए पुलिस के पहरे में आवेदकों का साक्षात्कार लिया गया। यही नहीं कुलपति दफ्तर के सभी दरवाजों पर ताले जड़ दिए गए ताकि कर्मचारी नियुक्ति का विरोध करने अंदर न पहुंच जाएं।

JagranTue, 30 Nov 2021 02:46 AM (IST)
कृषि विवि में हंगामा, पुलिस के पहरे में हुआ साक्षात्कार

मेरठ, जेएनएन। कृषि विवि में कर्मचारी यूनियन की चेतावनी के बाद सुरक्षा की दृष्टि से सोमवार को नई नियुक्ति के लिए पुलिस के पहरे में आवेदकों का साक्षात्कार लिया गया। यही नहीं, कुलपति दफ्तर के सभी दरवाजों पर ताले जड़ दिए गए, ताकि कर्मचारी नियुक्ति का विरोध करने अंदर न पहुंच जाएं। कुलपति, कुलसचिव अन्य प्रशासनिक दफ्तरों के बाहर कर्मचारियों ने नारेबाजी की और नई नियुक्तियों का पुरजोर विरोध कर प्रकरण राजभवन के सामने रखने की बात कही।

दरअसल, सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि की कर्मचारी यूनियन पिछले कई दिनों से विवि में होने वाली सभी नई नियुक्तियों का विरोध कर रही है। कर्मचारियों की मांग है कि जो विवि में पहले से कार्यरत कर्मचारी हैं, उन्हीं को प्रोन्नत किया जाए। जो संविदा कर्मचारी हैं, उन्हें नियमित किया जाए।

कार्य का बहिष्कार कर 22 नवंबर को ही चेता दिया था यूनियन ने

मांगों को लेकर 22 नवंबर को कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष विनय शर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारी व सदस्य नारेबाजी करते हुए कार्य का बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए थे। शाम को कुलपति डा. आरके मित्तल ने डा. अनिल सिरोही के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया और कर्मचारियों से वार्ता करने को कहा। कमेटी चेयरमैन डा. अनिल सिरोही की अध्यक्षता में 26 नवंबर को कर्मचारी यूनियन संग बैठक हुई, जिसमें कोई निर्णय नहीं निकल सका। कमेटी ने पूरा प्रकरण कुलपति के समक्ष रखने को कहा। इसी बीच यूनियन ने ज्ञापन देकर चेता दिया था कि 29 नवंबर तक कमेटी ने वार्ता नहीं की तो नई नियुक्तियों का विरोध किया जाएगा। सोमवार को निदेशक प्रसार पद के लिए साक्षात्कार होने थे, जिनके लिए पांच आवेदक विवि पहुंचे। इधर, यूनियन अध्यक्ष विनय शर्मा और महामंत्री नितिन सांगवान व अन्य की कमेटी से वार्ता न होने पर सोमवार को कर्मचारी नारेबाजी करते हुए लेखा विभाग, वित्त नियंत्रक कार्यालय, कुलसचिव कार्यालय होते हुए कुलपति कार्यालय पहुंचे। जहां पहले से ही पुलिस बल तैनात था। कुलपति दफ्तर के सभी दरवाजों पर ताले लगाकर अंदर साक्षात्कार चल रहा था।

इन्होंने कहा कि..

कर्मचारी काम कम, नेतागीरी ज्यादा करते हैं। इनके धरने-प्रदर्शन की वजह से विवि के कार्य अधर में नहीं लटकाए जा सकते। 22 नवंबर को कर्मचारियों ने जिस तरह से हुड़दंग काटा, वह अशोभनीय है। मांगों पर शांति से वार्ता होनी चाहिए, हर बात पर विरोध करना उचित नहीं है। विवि नियमों से चलेगा, किसी की नेतागीरी बर्दाश्त नहीं जाएगी।

डा. आरके मित्तल, कुलपति, कृषि विवि

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.