अपराधियों के स्वजन ने कानून तोड़ा तो लगेगा रासुका

अपराधियों के स्वजन ने कानून तोड़ा तो लगेगा रासुका

भदौड़ा गांव में चुनावी दंगल में अपराधियों के स्वजन के आमने-सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई हैं।

JagranTue, 20 Apr 2021 03:45 AM (IST)

मेरठ,जेएनएन। भदौड़ा गांव में चुनावी दंगल में अपराधियों के स्वजन के आमने-सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई हैं। एसएसपी ने स्पष्ट कर दिया कि चुनाव में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की तो रासुका की कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, दोनों अपराधियों के स्वजन गाव में घूमकर वोट माग रहे है। जिसके चलते सभी की निगरानी बढ़ा दी गई है।

रोहटा ब्लाक के भदौड़ा गाव में नामाकन के बाद से ही माहौल गर्म हो गया था। इसबार भी योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन जिला पंचायत के लिए चुनाव लड़ रही है। उनके सामने सुशील फौजी ने अपनी पत्नी रविता को खड़ा किया है, जबकि भदौड़ा से ग्राम प्रधान पद के लिए सुशील ने अपनी मा गुड्डी को और योगेश भदौड़ा ने अपनी भाभी कविता को चुनावी दंगल में उतारा है। जबकि कविता के बेटे ने भी वार्ड 21 से जिला पंचायत पद के लिए नामाकन किया है। उक्त दोनों अपराधियों के स्वजन से पुलिस को माहौल बिगड़ने का खतरा सता रहा है। माना जा रहा है कि योगेश भदौड़ा और उधम सिंह की तरफ से सुशील फौजी का घमासान होना तय है। पुलिस दोनों ही अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए उनके घरों पर दबिश दे रही है। एसएसपी अजय साहनी ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधिक हिस्ट्री वाले प्रत्याशियों के स्वजन ने माहौल बिगाड़ा तो उन पर रासुका लगाई जाएगी। एसएसपी देहात केशव कुमार पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।

चुनाव प्रचार में आयी तेजी, ग्रामीणों में नहीं कोरोना का खौफ: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के रविवार को चुनाव

चिह्न आवंटित किए गए है। चुनाव चिह्न मिलते ही प्रत्याशियों ने प्रचार तेज कर दिया है तथा लोगों को चुनाव चिह्न के बारे में समझाकर अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित कर रहे है।

पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के मतदान में अब केवल छह दिन शेष बचे है। रविवार को नाम वापसी के पश्चात सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए गए हैं। चुनाव चिह्न मिलते ही प्रत्याशियों ने अपने चुनाव चिह्न की प्रचार सामग्री खरीद कर प्रचार तेज कर दिया है। खादर क्षेत्र में एक ग्राम पंचायत मे कई-कई मजरे है। जिसमें प्रत्याशी को चुनाव प्रचार में कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। प्रत्याशी व उनके समर्थक डमी बैलेट पेपर लेकर घर-घर जाकर चुनाव चिह्न के बारे में समझा रहे हैं। कि उनका चुनाव चिह्न यह है तथा इस क्रमांक पर है। हालांकि सभी प्रत्याशी अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। परंतु किसी को पता नही कि ऊंट किस करवट बैठेगा।

कोरोना का खौफ नहीं

चुनाव प्रचार में जुटे प्रत्याशी व उनके साथ प्रचार कर रहे लोगों मे कोरोना का खौफ नहीं दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं अधिकांश प्रत्याशी कोरोना गाइड लाइन के साथ चुनाव आचार संहिता का भी जमकर उल्लंघन कर रहे हैं। प्रत्याशी सोशल मीडिया पर अपने प्रचार के फोटो में भीड़ को बढ़ाचढ़ा कर दर्शा कर वायरल कर रहे हैं।

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