Hallmarking Law: अब खरे सोने की बात करें जनाब, मेरठ में आज से आभूषणों पर हालमार्किंग कानून लागू

केंद्र सरकार सोने के आभूषणों में होने वाली धोखाधड़ी से ग्राहकों को बचाने के लिए 16 जून से हालमार्किंग कानून लागू किया है। जहां हालमर्किंग सेंटर हैं वहां पर कानून लागू कर दिया है। पहले 14 18 और 22 कैरेट ज्वैलरी को ही मान्यता देने की घोषणा की गई थी।

Prem Dutt BhattWed, 16 Jun 2021 08:00 AM (IST)
मेरठ में अब एक सितंबर तक पुराना स्टाक बेचने की अनुमति मिली।

मेरठ, जेएनएन। Hallmarking Law मंगलवार की देर रात दिल्ली में चली उच्च स्तरीय बैठक के बाद 16 जून से मेरठ में हालमार्किंग कानून लागू हो गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में दिल्ली में चली उच्च स्तरीय बैठक के अपडेट लेने के लिए व्यापारी देर रात तक परस्पर संपर्क बनाए रहे। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने बताया कि मेरठ समेत 256 जिलों में हालमर्किंग को अनिवार्य कर दिया गया है। व्यापारियों को राहत देते हुए एक सितंबर तक पुराना स्टाक खत्म करने का समय दिया गया है।

रजिस्‍ट्रेशन अब अनिवार्य

केंद्र सरकार सोने के आभूषणों में होने वाली धोखाधड़ी से ग्राहकों को बचाने के लिए 16 जून से हालमार्किंग कानून लागू किया है। जहां जहां हालमर्किंग सेंटर हैं वहां पर कानून लागू कर दिया गया है। पहले 14, 18 और 22 कैरेट ज्वैलरी को ही मान्यता देने की घोषणा की गई थी। मेरठ के व्यापारी इसमें 20 कैरेट ज्वैलरी को शामिल करने की मांग कर रहे हैं। इसी के चलते व्यापारियों ने अभी तक बीआइएस में रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया है। सोमवार तक केवल 93 व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। जबकि नए कानून में हर व्यापारी को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। 78 ज्वैलर्स ने सोने में और 17 ने चांदी की ज्वैलरी में व्यापार के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। विजय आनंद ने बताया कि नोटीफिकेशन जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि 20 कैरेट को मान्यता मिली है या नहीं। युनाइटेड ज्वैलर्स एंड मैन्युफैक्चर्स फेडरेशन के डा. संजीव अग्रवाल ने कहा कि 20 कैरेट को हालमार्किंग में शामिल करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। कहा 40 लाख रुपये से अधिक के टर्न ओवर के व्यापारियों को अब रजिस्ट्रेशन लेना होगा।

मेरठ के सर्राफ व्यापारियों की यह हैं मुख्य मांग

- मेरठ के व्यापारी 20 कैरेट ज्वैलरी को भी हालमर्किंग के दायरे में लाने की मांग कर रहे हैं। मेरठ में अधिकांश ज्वैलरी 20 कैरेट सोने से निर्मित होती है। इसमें चमक के साथ टिकाऊ पन होता है। मेरठ में महाराष्ट्र और बंगाल के हजारों कारीगर इस रेटिंग की ज्वैलरी बनाने में दक्ष हैं। अगर 20 कैरेट को मान्यता नहीं मिली तो यह बेरोजगार हो जाएंगे।

- वहीं व्यापारियों का आभूषणों पर यूनिक आइडेंटीफिकेशन नंबर के तौर तरीकों को लेकर विरोध है। दो ग्राम से अधिक कोई भी आभूषण होगा उस पर यूआइडी नंबर डालना अनिवार्य होगा। व्यापारियों का तर्क है कि मेरठ में थोक व्यापार होता है। ऐसे में सवा दो ग्राम के 60-70 पीस होंगे तो इन्हें बनाने वाले कारीगर कहां तक यूआइडी नंबर अंकित करेंगे। इसमें बिल पर भी यूआइडी नंबर अंकित करने का प्रावधान है। आभूषण अंतिम ग्राहक से पूर्व जिन जिन व्यापारियों के पास से गुजरेगा वह भी इसका अंकन बिल में करेंगे। व्यापारियों का मांग है कि केवल निर्माता के स्तर पर ही यूआइडी के अंकन का प्रावधान होना चाहिए।

- सर्राफ व्यापारियों का तीसरी मुख्य मांग कानून के तहत आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज के प्रावधान को निरस्त करने की है।

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