मेरठ में राजकीय विद्यालयों को मिले इन सात विषयों के 15 शिक्षक Meerut News

मेरठ में राजकीय विद्यालयों को मिले सात विषयों के 15 शिक्षक
Publish Date:Fri, 23 Oct 2020 02:39 PM (IST) Author: Taruna Tayal

मेरठ, जेएनएन। राजकीय विद्यालयों में सहायक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए लोक सेवा आयोग की ओर से 2018 में कराई गई परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को शुक्रवार को नियुक्ति पत्र व स्कूलों में पोस्टिंग का पत्र प्रदान किया गया। मेरठ में 15 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिला है, जो कल से ही स्कूल ज्वाइन कर सकते हैं। मेरठ को मिले 15 शिक्षकों में 7 विषयों के शिक्षक शामिल हैं। इनमें अंग्रेजी के तीन, गणित के दो, उर्दू के तीन, शारीरिक शिक्षा के तीन, जीव विज्ञान के दो और वाणिज्य और संस्कृत के एक-एक सहायक शिक्षक हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का में सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए शिक्षक के तौर पर शासन का कर्मचारी या समाज का नौकर बनने की बजाय समाज का मार्गदर्शक बनने को प्रेरित किया। मार्गदर्शक भी केवल नाम के नहीं बल्कि अपने आचरण में लाने के लिए आह्वान किया।

मेरठ को मिले यह शिक्षक

मेरठ में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 15 शिक्षकों में जगमोहन सिंह, दीपिका, अनुराधा, मीनाक्षी अग्रवाल, राहुल मलिक, चांदनी अब्बासी, शहीदुद्दीन, सत्येंद्र तिवारी, सुनील कुमार, महेश गुप्ता, ललित, यजपाल सिंह, पवन कुमार और अजय राज शामिल हैं।

कैसे पड़ा परीक्षितगढ़ का नाम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर के टॉप मेरिट वाले अभ्यर्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात भी की। मेरठ में उन्होंने परीक्षितगढ़ निवासी जगमोहन सिंह से वार्ता की। दिव्यांग जगमोहन सिंह ने भी पूरे उत्साह से मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। परीक्षितगढ़ नाम सुनते ही मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि परीक्षितगढ़ का नाम कैसे पड़ा। उन्होंने कहा कि पांच हज़ार सालों का इतिहास आप से जुड़ा है। बच्चों को पढ़ाने का जो अवसर मिला है। उसके लिए आपको बहुत-बहुत बधाई। जग मोहन सिंह ने भी बताया कि राजा परीक्षित के नाम पर परीक्षितगढ़ का नाम पड़ा और वह उस गौरवशाली ऐतिहासिक जगह से जुड़े हैं।

बताया विषयों का महत्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलग-अलग विषय के शिक्षकों से बातचीत करते हुए उन्हें उनके विषय का महत्व समझाया। गृह विज्ञान की एक शिक्षिका से बात करते हुए उन्होंने कहा कि गृह विज्ञान का महत्व कोरोना काल में हर किसी को समझ आया होगा। इसलिए गृह विज्ञान विषय को पढ़ने वाले बच्चों के अलावा भी आमतौर पर बच्चों को इससे जुड़ी जानकारी शिक्षकों को देनी चाहिए।

पठान- पठान का माहौल बनाएं

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को जल्द विद्यालयों में पहुंचकर पठन-पाठन का माहौल बनाने के लिए प्रेरित किया। कहा कि बच्चों में विषय की समझ पैदा करने की कोशिश होनी चाहिए। न कि उन्हें रटाकर याद कराने की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को मेरिट के आधार पर नियुक्ति पत्र और विद्यालयों का आवंटन मिला है। इसलिए वह इस पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ही आगे अपनी पढ़ाई व शिक्षण कार्य पर ध्यान दें। राजकीय विद्यालयों में नियुक्त हुए सभी शिक्षकों को ऑनलाइन इंडक्शन ट्रेनिंग भी कराई जाएगी, जिसमें उन्हें एक योग शिक्षक योग्य शिक्षक बनने के गुण सिखाए जाएंगे।

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