मयूर विहार में नहीं आती कूड़ा गाड़ी, ढलावघर भी नहीं

विशेष सफाई अभियान की शुरुआत मयूर विहार के गेट से हुई। सफाई एवं खाद्य निरी

JagranFri, 24 Sep 2021 12:15 AM (IST)
मयूर विहार में नहीं आती कूड़ा गाड़ी, ढलावघर भी नहीं

मेरठ,जेएनएन। विशेष सफाई अभियान की शुरुआत मयूर विहार के गेट से हुई। सफाई एवं खाद्य निरीक्षक सुरेशचंद्र और सफाई नायक नितिन कुमार के नेतृत्व में नगर निगम के सफाई कर्मचारी मय ट्रैक्टर ट्राली व कूड़ा गाड़ी सुबह 7.30 बजे मयूर विहार पहुंचे। सड़क किनारे व खाली प्लाटों में पड़ा कचरा उठाया। करीब तीन घंटे की सफाई में पांच ट्राली कचरा उठाया गया। सड़कों पर झाड़ू लगायी गई। सुबह 10.15 बजे सहायक नगर आयुक्त बृजपाल सिंह व जलकल के अवर अभियंता पंकज कुमार अभियान में पहुंचे। कल्याण समिति मयूर विहार के अध्यक्ष गोविद अग्रवाल, निशांत समेत बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने मांग पत्र सौंपा। सड़क, पार्क समेत सभी समस्याओं से अवगत कराया। कहा कि कूड़ा गाड़ी नहीं आती है ढलावघर नहीं है। ऐसे में सड़क किनारे या खाली प्लाट में कचरे की गंदगी रहती है। बारिश के पानी से भरा मिला पार्क

अभियान के दौरान सहायक नगर आयुक्त ने शिव हनुमान पार्क मयूर विहार का निरीक्षण किया। यहां पर बारिश का पानी भरा मिला। लोगों ने इसे डेंगू व मलेरिया का घर कहा। सहायक नगर आयुक्त ने फोन कर जोनल सेनेटरी अधिकारी अरुण खरखोदिया को एंटी लार्वा छिड़काव के निर्देश दिए। जल निकासी की व्यवस्था करने के लिए भी कहा।

ये समस्याएं आईं सामने

-मयूर विहार में प्रवेश करने से पहले ई ब्लाक के हिस्से में मुख्य सड़क किनारे दोनों तरफ अतिक्रमण से रास्ता संकरा हो गया है। इसे लेकर मयूर विहार के लोग परेशान हैं। -मयूर विहार पाश कालोनी है लेकिन यहां बेसहारा पशुओं की संख्या बहुत अधिक है। सड़कों पर बैठे रहते हैं। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। -मयूर विहार काफी बड़े क्षेत्र में है लेकिन निगम की ओर से यहां एक भी सफाई कर्मचारी व कूड़ा गाड़ी तैनात नहीं किया गया है जबकि लोग हाउस टैक्स अदा कर रहे हैं। -नालियों की सफाई नहीं होती है। जिससे जाम पड़ी हैं। बारिश में पार्क व सड़क पर जलभराव की स्थिति इसी वजह से बनती है। नालियों पर अतिक्रमण भी है। ------ लोगों ने कहा कि..

-मयूर विहार में प्रवेश से पहले ई ब्लाक की तरफ मुख्य सड़क से अतिक्रमण हटाया जाए। इससे रास्ता संकरा हो गया है। दुर्घटना की संभावना रहती है।

-गोविद अग्रवाल

-कचरा डालें कहां। जब कालोनी बसाई गई तब ढलावघर बनाया नहीं गया। अब कहीं जगह नहीं है। खाली प्लाट या सड़क पर ही कचरा फेंका जा रहा है। यह समस्या हल होनी चाहिए।

रोली।

-डेंगू-मलेरिया बुखार का प्रकोप है। ऐसे में नियमित एंटी लार्वा छिड़काव व फागिग होनी चाहिए। जलजमाव की स्थिति को भी रोकना जरूरी है। लेकिन मयूर विहार में इसका अभाव है।

निशांत कुल छह पार्क हैं। पार्को की रंगाई-पुताई, उनका रखरखाव नहीं होता है। नगर निगम से अपेक्षा है कि वह इन व्यवस्थाओं को भी अपने हाथ में ले। ताकि कालोनी के लोगों को बेहतर पार्क सुलभ हो सकें।

वीएस अरोड़ा। इन्होंने कहा

मयूर विहार में एक पार्क के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव 15 वें वित्त में स्वीकृति किया गया है। जल्द टेंडर कराकर काम शुरू कराया जाएगा। सफाई व्यवस्था सही कराई जाएगी। अच्छी कालोनी है। आउटसोर्स पर व्यवस्था होने पर कूड़ा कलेक्शन की समस्या खत्म हो जाएगी।

बृजपाल सिंह, सहायक नगर आयुक्त। मयूर विहार में नहीं आती कूड़ा गाड़ी, ढलावघर भी नहीं

35000-लगभग आबादी है वार्ड चार की।

02- डोर टू डोर कूड़ा गाड़ी है वार्ड में।

20- कुल सफाई कर्मचारी हैं पूरे वार्ड में।

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