गिरोह ने चार साल में वसूला करोड़ों का गुंडा टैक्स

हाईवे पर पशुओं से भरे ट्रकों से रंगदारी वसूलने वाला गिरोह पिछले चार सालों में करोड़ों की रकम ऐंठ चुका है। यह गिरोह दिल्ली हाईवे पर परतापुर से लेकर कंकरखेड़ा तक कार में सवार होकर रंगदारी वसूलता था।

JagranSat, 23 Oct 2021 04:48 AM (IST)
गिरोह ने चार साल में वसूला करोड़ों का गुंडा टैक्स

मेरठ, जेएनएन। हाईवे पर पशुओं से भरे ट्रकों से रंगदारी वसूलने वाला गिरोह पिछले चार सालों में करोड़ों की रकम ऐंठ चुका है। यह गिरोह दिल्ली हाईवे पर परतापुर से लेकर कंकरखेड़ा तक कार में सवार होकर रंगदारी वसूलता था। कुछ ट्रकों से पैठ बाजार में ही रिजवान वसूली कर लेता था। जो वाहन बच जाते थे, उनसे हाईवे पर रकम वसूली जाती थी। रोजाना करीब डेढ़ से दो लाख रुपये रंगदारी वसूली जा रही थी। अब पुलिस इस गिरोह के बदमाशों पर गैंगस्टर एक्ट लगाकर अवैध रूप से कमाई संपत्ति को जब्त करेगी।

ऐसे चलता था वसूली का धंधा

रिजवान रंगदारी वसूलने के बाद सभी को बराबर रकम बाट देता था। सिर्फ अक्षय भड़ाना के लिए हर वाहन से एक हजार रुपये अलग से वसूले जाते थे। अक्षय खुद को हिंदू संगठन का पदाधिकारी बताता था। साथ ही खुद को एक विधायक का रिश्तेदार बताकर रौब गालिब करता था। इतना ही नहीं उसने कार पर भी भाजपा का झडा लगा रखा है और विधायक प्रतिनिधि लिखा हुआ है। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह ने वेस्ट यूपी में लगने वाली सभी पैठ को चिह्नित किया हुआ था। रिजवान पैठ बाजार में पहुंचकर हर ट्रक से 24 सौ रुपये वसूलता था। पैठ बाजार से जो ट्रक रकम नहीं देता था उसको हाईवे पर पहुंचते ही कपिल उर्फ आदित्य, बाली उर्फ ललित, विपिन पाल, चिंकू, अक्षय भड़ाना और आशुतोष नेताजी रोक लेते थे और दोगुनी रकम वसूलते थे।

रकम नहीं देने पर हिंदू संगठन करते हैं हंगामा

जो ट्रक चालक रंगदारी नहीं देता था उसके खिलाफ अक्षय भड़ाना, बाली उर्फ ललित अपने साथियों के साथ हंगामा कर देते थे। आरोप लगाते थे कि पशुओं को कटान के लिए ले जाया जा रहा है। मीडियाकर्मी और पुलिस को भी बुला लेते थे। इस पर कुछ मामलों में ट्रक चालक के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम में कार्रवाई हो जाती थी। पुलिस की इसी कार्रवाई के डर से ट्रक चालक रंगदारी दे देते थे।

वसूली की रकम से छह ट्रक खरीद चुका अक्षय भड़ाना

जुर्रानपुर निवासी अक्षय भड़ाना का ट्रासपोर्ट का काम है। उसने वसूली की रकम से ही छह ट्रक खरीद लिए। इन ट्रकों में पशुओं को लाया जाता है। पुलिस सभी आरोपितों की संपत्ति की जांच करेगी। वहीं, अक्षय भड़ाना और आशुतोष नेताजी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

चौकी इंचार्ज और इंस्पेक्टर की भूमिका पर सवाल

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सिपाही राहुल और संदीप नागर को निलंबित कर दिया है। जांच की जा रही है कि वसूली का हिस्सा वेदव्यासपुरी चौकी इंचार्ज और टीपीनगर थाना प्रभारी को तो नहीं जाता था। चर्चा है कि इनको हिस्सा जाता था इसीलिए राहुल और संदीप की तैनाती वेदव्यासपुरी में दोबारा हुई थी। पूर्व में संदीप नागर के रिश्तेदार के जिला पंचायत चुनाव लड़ने की वजह से इनकी ड्यूटी वहा से हटा दी गई थी। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि मामले की निगरानी खुद एसएसपी कर रहे हैं। सर्विलास के माध्यम से सिपाहियों की भूमिका की जाच की गई है।

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