सेना में नौकरी का फर्जीवाड़ा : पुलिस के हाथ लगी महत्‍वपूूूूूर्ण डायरी, जिसका हर पन्ना लाखों के लेन-देन का है गवाह Meerut News

आरोपितों के पास से डायरी और कई सर्टिफिकेट बरामद हुए हैं।

टीम को आरोपितों के पास से काफी कुछ मिला है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण डायरी हाथ लगी है। इसकी जानकारी ने सभी को चौंका दिया। नाम-पते और मोबाइल नंबर के साथ ही लेनदेन का पूरा ब्योरा है। कहां जाना था और कहां-कहां जा चुके हैं इसकी भी डिटेल है।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 02:09 PM (IST) Author: Himanshu Dwivedi

[अभिषेक कौशिक] मेरठ। टीम को आरोपितों के पास से काफी कुछ मिला है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण डायरी हाथ लगी है। इसकी जानकारी ने सभी को चौंका दिया। नाम-पते और मोबाइल नंबर के साथ ही लेनदेन का पूरा ब्योरा है। कहां जाना था और कहां-कहां जा चुके हैं, इसकी भी डिटेल है। साथ ही रास्ते और रुकने-खाने का भी हिसाब है।

नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले हिसाब को डायरी में पूरी तरह से दर्ज कर रहे थे। डायरी पिछले साल बनाई गई थी, जिसमें इस साल का अभी तक का पूरा लेनदेन है। मेरठ में किस होटल में रुके। उसका नंबर क्या है। कौन से कमरे में कौन-कौन रुका हुआ है। खाने और पीने तक के रुपये लिखे हुए हैं। इसके साथ ही नौकरी लगवाने वाले युवकों के नाम भी बड़ी संख्या में लिखे हुए हैं। सभी से लिए गए रुपयों का भी हिसाब है।

एडवांस के साथ ही बकाया के बारे में भी लिखा है। मोबाइल नंबर भी दर्ज हैं। सभी से लाखों रुपये लिए हुए लिखे हैं। पूछताछ में भी आरोपितों ने बताया था कि करीब ढाई लाख रुपये एक बंदे से ले रहे थे। इसके साथ ही नोटरी का भी एक कागज मिला है। कुल मिलाकर डायरी का हर पन्ना काले कारनामों का सुबूत है। पुलिस ने डायरी को कब्जे में ले लिया है।

नियुक्ति पत्र लेकर आए थे

आरोपितों के पास से नियुक्ति पत्र भी बरामद हुआ है। सभी युवकों को टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती कराना था। यह नियुक्ति पत्र 21 जनवरी 21 का है। हालांकि इस संबंध में पुलिस पूछताछ में जुटी है कि कहीं अंदर का भी तो काई व्यक्ति आरोपितों से नहीं मिला हुआ। पूछताछ में पता चला कि आरोपित 12 जनवरी को महाराष्ट्र से चले थे। सतारा से दिल्ली आए और वहां से मेरठ पहुंचे थे। यहां एक कमरे में चार लोग और अन्य दो कमरों में तीन-तीन लोग रुके हुए थे।

मोबाइल लिए कब्जे में, संबंधों की पड़ताल

पुलिस ने सभी के मोबाइल फोन भी ले लिए हैं। युवकों के स्वजनों को जानकारी दे दी गई है। साथ ही दोनों आरोपितों के मोबाइल फोन को खंगाला जा रहा है। कई महत्वपूर्ण जानकारी भी पुलिस के हाथ लगी है। उनसे जुड़े हुए लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है। कई सालों से आरोपित इस काम को कर रहे थे। सूत्रों ने बताया कि युवकों से मार्कशीट से लेकर प्रमाण पत्र फोटो और अन्य जरूरी कागजात लेते थे, ताकि किसी को कोई शक ना हो। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि किसी को भर्ती तो नहीं करा दिया था।

पूर्व सैनिक ने बढ़ाई चिंता

गिरफ्तार दो लोगों में से एक पूर्व सैनिक राजेंद्र दिलीप भिलारे हैं। उसके पास से सेना कैंटीन का कार्ड और आधार कार्ड भी बरामद हुआ है। हालांकि उसे सेना में सेंधमारी से पहले ही पकड़ लिया गया, लेकिन यह अपने आप में चिंता की बात है कि पूर्व सैनिक ही भर्ती कराने में लगा हुआ था। अब उसके बारे में पूरी जानकारी निकाली जा रही है। साथ ही सेना से भी उसके बारे में सभी डिटेल मांगी गई है। 

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