Fitness Mantra In Meerut: एक दिन में नहीं दिखेगा फर्क, नियमित योग करेंगे तो रहेंगे निरोग

मेरठ में व्‍यापार संघ के महामंत्री पुनीत शर्मा पिछले कई साल से योगभ्यास कर रहा हैं।

Fitness Mantra एक बार ठान लो तो कुछ भी असंभव नहीं है। नियमित रूप से योग करने के बहुत से लाभ है। बेगमपुल व्यापार संघ के महामंत्री पुनीत शर्मा अपनी सेहत को लेकर सजग हैं। वह नियमित रूप से योग और अभ्यास करते हैं। उन्‍हें फायदा पहुंचा है।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 08:00 AM (IST) Author: PREM DUTT BHATT

मेरठ, [विवेक राव]। Fitness Mantra शरीर को स्वस्थ रहने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है और यह ऊर्जा भोजन से मिलती है। कोविड के आने के बाद लोगों ने अपने खान-पान से लेकर व्यायाम तक काफी कुछ बदला है। बाहर खाना कम किया है। दूसरी ओर अपनी दिनचर्या में योग प्राणायाम ध्यान को भी पूरी तरह से शामिल किया है। कुछ लोग ऐसे हैं कि सोचते हैं कि एक दिन योग करने से ही वह निरोग रहेंगे। जबकि ऐसा नहीं है। विशेषज्ञों की माने तो नियमित योग अभ्यास से ही हम खुद को निरोग रख सकते हैं। कई तरह के शारीरिक समस्याओं से भी बच सकते हैं। योग के महत्व को देखते हुए बहुत से लोग नियमित रूप से योग अभ्यास भी कर रहे हैं। बेगमपुल व्यापार संघ के महामंत्री पुनीत शर्मा अपनी सेहत को लेकर सजग हैं। वह नियमित रूप से योग और अभ्यास करते हैं।

सुबह साढ़े पांच बजे उठ जाते हैं

पुनीत शर्मा रोज सुबह 5:30 बजे बिस्तर छोड़ देते हैं। इसके बाद वह योगभ्यास करते हैं। इसमें वज्रासन, सेतुबंधासन, अनुलोम विलोम करते हैं।

कई समस्याओं से मिली राहत

बकौल पुनीत पिछले कई साल से योगभ्यास कर रहा हूँ। इसकी वजह से गैस एसिडिटी, पीठदर्द में आराम मिला है। अन्य स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है। पहले नींद अधिक आती थी। अब ऐसा नहीं है नींद अच्छी आती है। अगर नियमित दिनचर्या अपनाया जाए तो कई बीमारियों से बच सकते हैं। वह कहते हैं कि नियमित रूप से सुबह उठने से दिन के कार्य में विलंब नहीं होता। समय से व तरीके से सभी काम भी हो जाते हैं। जो लोग कम समय की शिकायत करते हैं, उन्हें सुबह उठने की आदत डालनी चाहिए। साथ ही सही दिनचर्या रखने से अनेकों रोगों से छुटकारा भी मिलता है।

खाने के बाद वज्रासन उपयोगी

योग गुरु कर्मवीर महराज के अनुसार केवल वज्रासन एक ऐसा आसन है जो खाना खाने के बाद किया जाता है। उन्होंने इस आसन को करने का तरीका बताया है। इस आसन के समय दोनों पैरों को सामने की ओर भूमि पर सीधा रखना होता है। इसके बाद दाएं पैर को घुटने से मोड़कर उसके पंजे को पीछे ले आते हैं। इसी प्रकार दूसरे पैर को पीछे ले जाते हैं। दोनों घुटने और दोनों पैरों के अंगूठे साथ मिला लेते हैं। फिर दोनों हाथों की हथेलियों को घुटनों में रखते हुए हाथों और पीठ को सीधा रखते हैं। फिर सांस सामान्य रखते हैं। इस आसन का सबसे बड़ा लाभ पाचन क्रिया में होता है। खाना खाने के पांच से 10 मिनट तक इस मुद्रा में बैठने से स्वास्थ्य को लाभ मिलता है।

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