मेरठ मेडिकल में मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत का कारण न होने से स्वजन परेशान, सहारनपुर से लेकर दिल्ली तक के लोग हो रहे परेशान

Lack Of Death Cause On Death Certificate मेरठ लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत का कारण न होने से स्वजन परेशान। सहारनपुर से लेकर दिल्ली तक के लोग हर दिन काट रहे चक्कर।

Taruna TayalSun, 13 Jun 2021 06:53 PM (IST)
लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज मेरठ ।

मेरठ, जेएनएन। कोरोना महामारी से हजार से अधिक मरीजों की मौत लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में हुई। स्वजन अपनों का अंतिम संस्कार करने के बाद अब फिर मेडिकल काजेल के चक्कर काटने को मजबूर हैं। क्योंकि मृत्यु के समय मेडिकल कालेज प्रशासन ने प्रमाण पत्र तो जारी कर दिया, लेकिन उस पर मृत्यु के कारण का कालम खाली रहा।

रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार निवासी शारदा देवी की कोरोना से मृत्यु मेडिकल कालेज में दस मई को हो गई थी। महिला की मौत के बाद मेडिकल कालेज

प्रशासन ने मृत्यु प्रमाण पत्र तो जारी कर दिया, लेकिन उसमें मौत का कारण नहीं लिखा गया। स्वजन को अधूरे मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने की जानकारी हुई तो वह मेडिकल कालेज पहुंचे। यहां पता चला कि अभी इसी प्रमाण पत्र से काम चलाना होगा, कुछ दिन बाद मृत्यु के कारण से संबंधित जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।

शारदा देवी के पुत्र अंकुर सिंह ने बताया कि मेडिकल कालेज प्रशासन से इसका विरोध भी किया गया, लेकिन समाधान नहीं हो सका। उधर, सहारनपुर और दिल्ली से भी लोग अपनी इसी समस्या को लेकर मेडिकल कालेज पहुंच रहे हैं। यहां उन्हें कोरोना वार्ड के बाहर मौजूद गार्ड ही गलत जानकारी उपलब्ध करा देते हैं और स्वजन चक्कर काटने को मजबूर होते हैं।

पर्ची तक हो रही गायब

कोरोना से मृत्यु होने पर मेडिकल कालेज शव के साथ मृत्यु से संबंधित पर्ची लगाकर स्वजन को सौंपता है। इसे दिखा कर मेडिकल कालेज से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है। कई स्वजन का आरोप है कि उन्होंने पर्ची के साथ आधार कार्ड आदि लगाकर प्रमाण पत्र के लिए फार्म भरा। लेकिन अब बताया जा रहा है कि आपकी पर्ची गायब है। ऐसे में फिर से पर्ची प्राप्त करने के लिए भी चक्कर कटवाए जा रहे हैं।

इन्होंने कहा... 

शव के साथ मिलने वाली पर्ची के साथ आधार कार्ड लगाकर मृत्यु प्रमाण पत्र तत्काल प्राप्त किया जा सकता है। मृत्यु से संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कर एक सप्ताह का समय दिया जाता है। इसके बाद उपचार और मृत्यु से संबंधित तमाम जानकारी आवेदक को उपलब्ध करा दी जाती है। अगर किसी को परेशानी है तो वह सीधे मुझसे संपर्क कर सकता है।

-डा. धीरज राज बालियान, वरिष्ठ चिकित्सक, कोरोना वार्ड प्रभारी 

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