दहशत में कैराना की तर्ज पर मोरना से पलायन कर गया व्यापारी का परिवार, यह है पूरा मामला

A Family of Muzaffarnagar living in terror, left the town

मोरना कस्बे में छोटे भाई की हत्या के बाद पुलिस की नाकामी और बदमाशों की दहशत से परेशान दवा कारोबारी के परिवार ने कस्बा छोड़ दिया है। मृतक के पर‍िवार के जाने के बाद मुकदमें के वादी बड़ा भाई भी घर पर ताला लगा बच्चों सहित कहीं चले गए।

Publish Date:Tue, 22 Sep 2020 05:25 PM (IST) Author: Taruna Tayal

मुजफ्फरनगर, जेएनएन। सरकार कैराना से पलायन कर गए व्यापारियों की घर वापसी का दावा कर रही है, लेकिन जनपद मुजफ्फरनगर में इसकी उलट तस्वीर नजर आ रही है। कस्बा मोरना निवासी दवा कारोबारी अनुज के हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से आहत और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे स्वजन पलायन कर गए। कैराना की तर्ज पर मोरना से मृतक के परिजनों के जाने से जनपद के दामन पर पलायन की कालिख पुत गई। हालांकि पुलिस और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया था, लेकिन स्वजनों का सब्र जवाब दे गया। जाते वक्त वे बेहद डरे हुए नजर आए।

यह है मामला 

भोपा थानाक्षेत्र के कस्बा निवासी दवा कारोबारी अनुज कर्णवाल की हत्या को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन शूटर पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वारदात के बाद जनप्रतिनिधि और पुलिस ने शीघ्र ही हत्यारों को गिरफ्तार करने और परिजनों की सुरक्षा का दावा किया था, लेकिन घटना का राजफाश न होने से आहत अनुज कर्णवाल के भाई हरिकांत, पत्नी ममता कर्णवाल व अन्य परिजन मंगलवार को मकान पर ताला लगाकर कस्बे से पलायन कर गए, जबकि सोमवार देर शाम मृतक के बड़े भाई जगमोहन कर्णवाल अनुज की पत्नी अंजिता व दोनों बेटियों के डर और असुरक्षा के भाव को देखते हुए अपने साथ ले गए थे। स्वजनों का साफ कहना था कि पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं जिससे वह दहशत में हैं। वे यहां से कहां गए हैं इसका जिक्र नहीं किया।

देश में कैराना पलायन बना था बड़ा मुद्दा

बदमाशों के खौफ के कारण पड़ोसी जनपद शामली के कस्बा कैराना से बड़ी संख्या में व्यापारियों ने पलायन किया था। तत्कालीन सांसद स्व. बाबू हुकुम ङ्क्षसह ने पलायन का मुद्दा उठाया था। कमोबेश ऐसी ही स्थिति आज जनपद की है। मोरना में बदमाशों के खौफ से व्यापारी के परिजन पलायन को मजबूर हो गए। जनपद में जंगलराज कायम हो रहा है, बावजूद इसके जनप्रतिनिधि मौन साध सरकार की किरकिरी होते देख रहे हैं।

इन्होंने कहा...

मृतक की पत्नी बच्चों को साथ लेकर शहर स्थित अपने जेठ के घर धाॢमक संस्कार के तहत गई है। वादी पत्नी के साथ किसी काम से बाहर गया है। मेरी उससे बात हुई है। किसी डर या दहशत के चलते शहर से बाहर जाने की बात से इन्कार किया है।

- अभिषेक यादव, एसएसपी

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