Family Counseling Center: ससुरालवालों को अखर रहे बहू के स्वतंत्र विचार, पढ़ें मेरठ में आ रहे कैसे-कैसे मामले

Family Counseling Center मेरठ में घरेलू विवाद में ज्यादातर मामले बहू के खाना बनाने से इन्कार के हैं। परिवार परामर्श केंद्र में ऐसे मामलों की सूची लंबी है जिनमें घर टूटने की बड़ी वजह बहू का खाना पकाने से इन्कार करना और घर के काम में रुचि न लेना है।

Prem Dutt BhattSun, 05 Dec 2021 12:30 PM (IST)
मेरठ के परिवार परामर्श केंद्र पर हर माह आ रहे हैं 450 केस।

मेरठ, जागरण संवाददाता। Family Counseling Center अधिकतर घरों में आज भी बहू से यह अपेक्षा की जाती है कि वह चाहे कितनी ही पढ़ी-लिखी क्यों न हो और नौकरी ही क्यों न करती हो, पर रसोई की जिम्मेदारी वही संभाले। जबकि बेटों से एकमात्र अपेक्षा रहती है कि वे आर्थिक रूप से घर चलाने में मदद करें। समस्या तब आती है जब दोनों ही धारणाएं कट्टर रूप ले लेती हैं और दोनों पक्षों के अहंकार टकराने लगते हैं।

स्वतंत्र विचार खल रहा

कोई पक्ष झुकने को तैयार नहीं होता। परिवार परामर्श केंद्र में ऐसे मामलों की सूची लंबी है जिनमें घर टूटने की बड़ी वजह बहू का खाना पकाने से इन्कार करना और घर के काम में रुचि न लेना है। बहू के स्वतंत्र विचार भी ससुराल पक्ष को खल रहे हैं। विभिन्न कारणों से हर माह 450 केस काउंसिलिंग के लिए आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या ऊपर उल्लिखित मामलों की है।

खाना नहीं बनाना है

ननद जब घर आई तो भाभी ने खाना बनाने से साफ मना कर दिया, और बाजार से खाना मंगाने की बात कही। हर दूसरे दिन बाजार से खाना मंगवाने वाली बात से परेशान पति ने नाराज होकर पत्नी से खाना बनाना सीखने की बात कही तो पत्नी गुस्से में मायके चली गई। वहीं, दूसरी ओर घर के कामकाज में सास और जेठानी का हाथ न बंटाने पर भी हर दिन दंपती के बीच लड़ाई-झगड़े बढ़ रहे हैं। पति से परिवार छोड़कर अलग रहने की जिद करना भी घर टूटने की मुख्य वजह बन रहा है।

इनका कहना है

सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को परिवार परामर्श केंद्र पर काउंसिलिंग की जाती है। एक सप्ताह में लगभग सौ केस आते हैं, और पति-पत्नी की काउंसिलिंग की जाती है। ऐसी बातों को लेकर घर टूट रहे हैं, जिनकी कोई अहमियत नहीं है। सिर्फ सोच का अंतर है। ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारी है कि दोनों को समझाएं और घर टूटने से बचाएं।

- रीमा चौहान, प्रभारी, परिवार परामर्श केंद्र

सभी उम्र के जोड़ों की काउंसिलिंग की जा रही है। शादी का पवित्र रिश्ता दिन पर दिन कमजोर हो रहा है। लड़का और लड़की का अहंकार टकरा रहा है, जिसकी वजह से घर टूट रहे हैं।

- सुंदर बख्शी, काउंसलर, परिवार परामर्श केंद्र

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