मेरठ में रंगदारी का मामला : दोस्‍त ही निकला साजिशकर्ता, गर्लफ्रेंड से फ्रेंडशिप पर बनाई थी हत्या की योजना

मेरठ पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। नय्यर शोरूम के मालिक की पत्नी से रंगदारी मांगने के मामले का रविवार रात पुलिस ने राजफाश कर दिया। मुठभेड़ में पुलिस ने दो बदमाशों को भी गिरफ्तार किया है। मुख्य साजिशकर्ता शोरूम मालिक के बेटे का दोस्त निकला।

Prem Dutt BhattMon, 14 Jun 2021 12:37 PM (IST)
मेरठ में रंगदारी वसूल करने के बाद थी हत्या करने की पूरी तैयारी थी।

मेरठ, जेएनएन। नय्यर शोरूम के मालिक की पत्नी से रंगदारी मांगने के मामले का रविवार रात पुलिस ने राजफाश कर दिया। मुठभेड़ में पुलिस ने दो बदमाशों को भी गिरफ्तार किया है। मुख्य साजिशकर्ता शोरूम मालिक के बेटे का दोस्त निकला। आरोपित की गर्लफ्रेंड की दोस्ती शोरूम मालिक के बेटे से हो गई थी, जिसका बदला लेने के लिए पूरी योजना बनाई गई। रंगदारी वसूलने के बाद हत्या की भी योजना थी।

यह था पूरा मामला

लालकुर्ती थाना क्षेत्र के जवाहर क्वार्टर निवासी सतनाम सिंह नय्यर की पत्नी मनमोहन कौर के मोबाइल पर आठ जून को फोन कर 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रुपये नहीं देने पर उनके बेटे गुरुजोत सिंह उर्फ सहज की हत्या करने की धमकी दी गई थी। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी। रविवार रात पुलिस ने दो आरोपितों मोनू निवासी ऊंचा सद्दीकनगर और सोनू निवासी दयानंद पुरी दौराला को मुठभेड़ के बाद हजारी की प्याऊ के पास से गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पैर में गोली लगी है।

एसपी सिटी की प्रेस वार्ता

एसपी सिटी विनीत भटनागर ने लालकुर्ती थाने में प्रेसवार्ता कर बताया कि सहज की दोस्ती गगनदीप निवासी जामुन मोहल्ला थाना लालकुर्ती से है। गगन की गर्लफ्रेंड दिल्ली में है, जिससे एक साल पहले सहज की मुलाकात कराई थी। इसके बाद गर्लफ्रेंड ने उसे छोड़ दिया और सहज के साथ बातचीत करने लगी। इस बात का उसने बदला लेने की सोची थी। गगन मोहकमपुर की एक फैक्ट्री में रंग में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की सप्लाई करता है। वहां उसकी मुलाकात हत्या के मामले में जेल से छूटे विवेक से हुई। उसे बदला लेने की बात बताई तो उसने कहा अन्य लोगों की भी जरूरत पड़ेगी। इसके बाद जेल में उससे मिले सागर निवासी मनोहर पुरी और निखिल निवासी गांव तिगरी मवाना से मुलाकात कराई। इसके बाद मोनू और सोनू को जोड़ लिया। पूरे मामले में पुलिस ने गगनदीप, सागर, सोनू और मोनू को गिरफ्तार कर लिया, जबकि निखिल और विवेक खालिदपुर खरखौदा फरार हैं।

25 दिन पहले बनाई थी योजना

पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि वह 25 दिन से तैयारी कर रहे थे। गगनदीप को विवेक के बारे में पता चल गया था। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए पूरी योजना बताई। उसने जेल में दोस्त बने सागर और निखिल को भी जोड़ लिया। सीधे हत्या करने पर पकड़े जाने की बात सामने आई तो उन्होंने पहले रंगदारी मांगने पर हामी भर ली। इसके बाद हत्या करने की तैयारी थी। रंगदारी नए नंबर या फिर लूटे फोन से मांगना तय हुआ। इसलिए सागर ने मोनू और सोनू को भी जोड़ लिया। उसे पता था कि वह मोबाइल लुटेरे हैं और आसानी से सिम उपलब्ध करा सकते हैं। इसके साथ ही गगन ने आनलाइन चाइनीज मोबाइल फोन मंगाया। मोनू और सोनू ने पल्लवपुरम में मोबाइल लूट की वारदात को अंजाम दिया। जब मोबाइल और सिम पास आ गए, तब सभी एकत्र होकर सागर के घर पहुंचे। यहां से वह नीलकंठ विवि के गेट के सामने पहुंचे और विवेक ने फोन कर रंगदारी मांगी।

रोज अखबार पढ़ता था गगनदीप

रंगदारी मांगने के बाद से गगनदीप रोजाना अखबार पढ़ता था। पुलिस की जांच किस ओर जा रही है, किस-किस पर पुलिस शक कर रही है। दो दिन पहले वह शोरूम मालिक के घर भी गया था। वहां दो से तीन घंटे रुकने के पीछे उसका मकसद भीतर की बातें जानना था। पूछताछ में उसने बताया कि सतनाम ङ्क्षसह और उनके परिवार के बारे में उसे पूरी जानकारी थी। वह सीधे हैं। आसानी से रुपये भी दे सकते हैं और पुलिस के पास भी नहीं जाएंगे। बस वह यहीं चूक गया और पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

पुरानी घटनाओं पर शक

जनवरी में सहज पर हमला हुआ था। इसके साथ ही उसकी गाड़ी में भी तोडफ़ोड़ की गई थी। पुलिस अब पुरानी घटनाओं को भी रंगदारी वाले मामले से जोड़कर देख रही है। पुलिस का कहना है कि अब पिछली सभी बातों को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा, ताकि सच्चाई साफ हो सके। 

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