Encroachment in meerut: मेरठ में अतिक्रमण कर बनी हैं पुलिस की ये 16 चौकियां,RTI से मिली जानकारी

Encroachment in meerut यह तो हैरत की बात है कि पुलिस चौकियां मेरठ में अतिक्रमण का कारण बन रही हैं। सड़कों और फुटपाथों पर बनीं इन चौकियों का नहीं मिला कोई रिकार्ड। कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने मामले में जांच के लिए समिति गठित कर दी है।

Prem Dutt BhattFri, 26 Nov 2021 08:20 AM (IST)
मेरठ में अतिक्रमण करने वालीं चौकियां हटाने को पीआइएल भी की गई दाखिल।

अनुज शर्मा, मेरठ। हाईकोर्ट के आदेश पर मेरठ शहर की सड़कों से अतिक्रमण और अवैध कब्जों को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि पुलिस की तमाम चौकियां भी सड़कों और फुटपाथों पर बनी हैं। सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत जब इस संबंध में पूछा गया तो पुलिस, नगर निगम, तहसील और पीडब्ल्यूडी में से कोई भी विभाग स्थिति स्पष्ट नहीं कर सका। इसी बीच हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने लखनऊ शहर में सड़क पर बनी पक्की पुलिस चौकी को हटाने का आदेश दिया, अब उसी आदेश के तहत मेरठ में भी पुलिस चौकियों को उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग जनहित याचिका के माध्यम से की गई है। कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने भी इन पुलिस चौकियों के अस्तित्व की जांच के लिए समिति गठित कर दी है।

पुलिस के पास नहीं मिली चौकियों की जानकारी

आरटीआइ कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने सड़कों व फुटपाथों पर बनी पुलिस चौकियों की जमीन के मालिकाना हक, उनकी खसरा-खतौनी, चौकी निर्माण में खर्च, निर्माण की धनराशि आदि की जानकारी एसएसपी कार्यालय से मांगी। अपील की सुनवाई करके एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने संबंधित विभागों से जानकारी मंगाकर आवेदक को उपलब्ध कराने का आदेश दिया। तमाम खोजबीन के बाद पुलिस कार्यालय से जवाब दिया गया कि उक्त पुलिस चौकियां अस्थायी हैं और उनका कोई विवरण अथवा पत्रावली उपलब्ध नहीं है।

निगम, तहसील और पीडब्ल्यूडी से भी निराशा

पुलिस कार्यालय से भेजे गए पत्र के जवाब में नगर निगम के संपत्ति अधिकारी ने कहा कि जमीन की खसरा खतौनी तहसील से मिलेगी। तहसील से जवाब आया कि उक्त पुलिस चौकियां शहर की सीमा में हैं। इसके स्वामित्व का विवरण निगम के गृहकर के चिट्ठे से मिलेगा। पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ने स्पष्ट कह दिया कि उक्त जानकारी विभाग से संबंधित ही नहीं है।

मेरठ में भी लागू करें लखनऊ खंडपीठ का आदेश

इसी बीच हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 11 नवंबर को लखनऊ की अमीनाबाद पुलिस चौकी के साथ-साथ सड़क पर पक्की बनी पुलिस चौकियों को हटाने का निर्देश नगर निगम को दिया। आरटीआइ कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने इस आदेश के तहत मेरठ में भी सड़कों पर बनी पुलिस चौकी और थानों को स्थानांतरित कराने की मांग करते हुए हाईकोर्ट इलाहाबाद में जनहित याचिका दाखिल की है।

कमिश्नर ने गठित की संयुक्त जांच समिति

कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि आरटीआइ कार्यकर्ता की शिकायत पर पुलिस, नगर निगम और जिला प्रशासन के अफसरों की संयुक्त समिति गठित की है। यह समिति एक महीने में रिपोर्ट देगी।

इन पुलिस चौकियों पर है आपत्ति

बुढ़ाना गेट, शाहपीर गेट, सोहराब गेट, बनियापाड़ा, जाटव गेट, कम्बोह गेट घंटाघर, खैरनगर, हाशिमपुरा, किला रोड सर्वोदय नगर से आगे, एल ब्लाक शास्त्रीनगर, बिजली बंबा, शापरिक्स माल चौराहा, कंकरखेड़ा शिवचौक, तेजगढ़ी चौराहा, दुल्हेड़ा चौहान गेट रूड़की रोड, बेगमपुल। 

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