top menutop menutop menu

गौडीय मठ से मुक्त कराए त्रिपुरा और मिजोरम के आठ बच्चे, दो के गायब होने का संदेह

मुजफ्फरनगर, जेएनएन। शुकतीर्थ स्थित नामचीन गौडीय मठ आश्रम में बच्चों के उत्पीडऩ की शिकायत पर मंगलवार को अफरातफरी मच गई। जांच टीम को मौके पर आठ बच्चे मिले, जिन्हें मुक्त कराया गया। दो बच्चों के गायब होने का संदेह है। सभी बच्चो मिजोरम और त्रिपुरा के हैं। मुक्त कराए गए आठ बच्चों का बुधवार को मेडिकल कराने के बाद बाल कल्याण समिति के समक्ष उनके बयान कराए जाएंगे।

भोपा थानाक्षेत्र के गांव फिराजपुर निवासी एक व्यक्ति ने शुकतीर्थ स्थित गौडीय मठ आश्रम में रह रहे 10 बच्चों को यातना देने की शिकायत की थी। बच्चों की नाम सहित जानकारी देते हुए बताया था कि उनके साथ मारपीट व अन्य गंभीर अपराध किया जाता है। जिला प्रोबेशन अधिकारी मो. मुश्फेकिन ने चाइल्ड हेल्पलाइन की जनपद अध्यक्ष पूनम शर्मा को आश्रम में जांच के लिए भेजा।

पुलिस के साथ जांच टीम आश्रम पर पहुंची तो वहां कुछ बच्चे गेट पर ही खड़े मिले। टीम ने आश्रम संचालक स्वामी भक्ति भूषण गोङ्क्षवद महाराज से बातचीत की। पता चला कि सभी बच्चे मिजोरम और त्रिपुरा के हैं और शिक्षा-दीक्षा के लिए आश्रम में आए हुए हैं। आश्रम संचालक इस संदर्भ में कोई भी प्रमाण नहीं दे पाए। केवल बच्चों के आधार कार्ड दिखाए गए। इनकी उम्र नौ से चौदह साल के बीच बताई जा रही है। टीम बच्चों को अपने साथ भोपा थाना ले लाई। मौके से टीम को आठ ही बच्चे मिल पाए। भोपा थाने में लिखापढ़ी के बाद टीम बच्चों को शहर ले आई।

इन्‍होंने बताया

आश्रम में रहने वाला हरिओम नाम का युवक बच्चों की देखभाल करता था। उक्त युवक ने बच्चों को फुसलाकर अपने साथ ले जाने का प्रयास किया था, जिसकी शिकायत भोपा थाने में की गई। इसके बाद वह आश्रम से भाग गया। उसी युवक ने अधिकारियों को फोन करके झूठी शिकायत की है। उक्त युवक के खिलाफ तहरीर दी है। आश्रम में बच्चों का किसी तरह का उत्पीडऩ नहीं होता है।

-स्वामी भक्ति भूषण गोविंद महाराज, संचालक गौड़ीय मठ

गौडीय मठ में 10 बच्चों को रखने और उनका उत्पीडऩ करने की शिकायत मिली थी। टीम को आश्रम भेजा, जहां आठ बच्चे मिल पाए। सभी का मेडिकल कराया जाएगा। जांच शुरू कर दी गई है। दो बच्चे कहां हैं, इस बारे में आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ की जाएगी।

-मो. मुश्फेकिन, जिला प्रोबेशन अधिकारी

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.