Egg production in Saharanpur: हर महीने पांच करोड़ अंडों की सप्‍लाई के साथ सहारनपुर बनेगा नया हब, ऐसी रहेगी प्‍लानिंग

Egg production In Saharanpur जल्‍द ही सहारनपुर जिला अंडे के उत्‍पादन का नया हब बनने जा रहा है। लकड़ी के क्षेत्र में यह जिला तो पहले से ही मशहूर है। इस वक्‍त भी यहां से करीब पौने चार लाख अंडों की आपूर्ति कई राज्‍यों में की जा रही है।

Prem Dutt BhattSun, 19 Sep 2021 11:00 AM (IST)
सहारनपुर से जल्‍द ही अंडों की सप्‍लाई कई शहरों के लिए बढ़ने वाली है।

सहारनपुर,जेएनएन। Egg production In Saharanpur लकड़ी के कारोबार से पूरी दुनिया मे अपनी पहचान बनाने वाला सहारनपुर अब अंडे में भी अपनी पहचान बनाने जा रहा है। सबकुछ ठीक रहा तो सहारनपुर प्रति माह पांच करोड़ अंडे उत्तराखंड, हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली आदि राज्यो को सप्लाई करेगा। वैसे अभी अभी सहरनपुर तीन लाख 74 हजार अंडे प्रति माह सप्लाई कर रहा है। पांच करोड़ अंडे सप्लाई करने के लिए कुक्कुट विकास नीति के तहत जिला प्रशासन ने 1.80 करोड़ रुपये का बजट शासन को भेजा है।

कलस्टर बनाया जाएगा

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा राजीव ने बताया कि जिले की लगभग 95 अंडा उत्पादन यूनिट को इकट्‌ठा करके आठ कलस्टर बनाया जाएगा। नई आठ बड़ी यूनिट लगाने में 1.80 करोड़ रुपये का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने शासन को भेज दिया है। कलस्टर बनने के बाद इसका लक्ष्य पांच करोड़ होगा। 2013 से लागू है

कुक्कुट विकास नीति योजना

प्रदेश में कुक्कुट विकास नीति योजना साल 2013 से लागू की गई थी। जिसके बाद योजना को अलग अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया। सहारनपुर में बनने वाली यूनिट 1.80 करोड़ की है, जिसमें 30,000 मुर्गियों को रखने की शर्त है। जबकि 70 लाख रुपये की लागत से बनने वाली दूसरी यूनिट में 10,000 मुर्गियों को रखने का प्रावधान है। तीसरी यूनिट में चूजा (मुर्गी का बच्चा) उत्पादन होगा।

30 फीसद का मिलेगा इन स्‍थानों पर आपूर्ति

ग्रांट पशुपालन विभाग पॉल्ट्री फार्म संचालित करने वाले व्यक्ति को ऋण दिलाया जाएगा और उसमें 30 फीसद की ग्रांट दी जाएगी। जिले में फिलहाल करीब 95 छोटी-बड़ी यूनिट संचालित है। जिनमें 3.74 करोड़ अंडों की आपूर्ति सहारनपुर से मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, देहरादून, यमुनानगर और अंबाला में हो रही है। विभाग इस दायरे को बढ़ाने और जिले को अंडा उत्पादन का हब बनाने की कवायद में लगा है। जिसके लिए छह करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। लगभग दो से तीन माह के  भीतर इन यूनिटों को स्थापित कराया जाएगा। इसके अलावा 70 लाख वाली इकाईयों को बढ़ाने के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है।

यूनिट से चूजा का भी बढ़ेगा उत्पादन

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा.राजीव कुमार सक्सेना ने बताया कि वर्तमान में जिले में 10,000 चूजों का उत्पादन की यूनिट संचालित है। लेकिन सभी यूनिटों को एकत्रित कर दिया जाएगा और एक बड़ी यूनिट लगाई जाएगी। चूजों की संख्या चार गुना बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। प्रत्येक माह 40 हजार चूजों का उत्पाद होगा।

यह है वर्तमान स्थिति

जिले में 47 यूनिट लगी है, जिनकी कीमत 1.80 करोड़ है। प्रत्येक यूनिट में 30-30 हजार मुर्गियां है। जबकि 70 लाख वाली 27 यूनिट लगी है, जिनमें 10-10 हजार मुर्गियां हैं। यहीं नहीं जिले में चूजा उत्पादन की 10 यूनिट हैं, जिनकों पशुपालन विभाग दो गुना करने की तैयारी कर रहा है।

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