बड़ी राहत : ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्‍कर, पासपोर्ट की तर्ज पर बनेगा डीएल

पासपोट की तर्ज पर डील बनाया जाएगा।

आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए धक्का-मुक्की और एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर होने वाली भागमभाग का सामना नहीं करना पड़ेगा। लोगों को अब इससे बड़ी राहत मिलने वाली है। क्‍योंकि पासपोर्ट की तर्ज पर डीएल बनाया जाएगा। लखनऊ और गाजियाबाद में यह व्‍यवस्‍था पहले से है।

Publish Date:Sun, 17 Jan 2021 03:46 PM (IST) Author: Himanshu Dwivedi

मेरठ, जेएनएन। आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए धक्का-मुक्की और एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर होने वाली भागमभाग का सामना आवेदकों को नहीं करना पड़ेगा। लोगों को अब इससे बड़ी राहत मिलने वाली है। क्‍योंकि अब नए सुविधाओं के साथ डीएल बनेगा। सरल शब्‍दों में कहे तो पासपोर्ट कार्यालय की तर्ज पर डीएल बनाया जाएगा। यह व्‍यवस्‍था जल्‍द लागू होने वाली है।

लखनऊ और गाजियाबाद में पहले से है ऐसी सुविधा

मरेठ के शास्त्रीनगर स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय का सारथी भवन अब नई सुविधाओं से संपन्न नजर आएगा। पासपोर्ट कार्यालय की तर्ज पर अब यहां डीएल बनेगा। टोकन व्यवस्था पर आधारित सुविधा देने वाला यह प्रदेश का तीसरा परिवहन कार्यालय होगा। इससे पहले लखनऊ और गाजियाबाद में यह सुविधा शुरू हो चुकी है। मेरठ के पासपोर्ट सेवा केंद्र पर भले ही पूरी तरह सुविधाएं उपलब्ध न हों, लेकिन मेरठ के संभागीय परिवहन कार्यालय के लाइसेंस विभाग में इन दिनों दो मंजिला इमारत को नया कलेवर देने का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। इस इमारत को तीन भागों में बांटा गया है। भूतल पर अब केवल शिक्षार्थी लाइसेंस बनेंगे।

वहीं प्रथम तल पर स्थायी लाइसेंस बनेंगे। प्रथम तल पर ही नवीनीकरण समेत लाइसेंस से जुड़े अन्य कार्य होंगे।

हरे, लाल और पीले टोकन

आरटीओ में लाइसेंस बनवाने के लिए तीन समय अंतराल निर्धारित हैं। इनमें 10 से 12, 12.30 से 2.30 और 3 से 5 बजे का समय है। आरआइ राहुल शर्मा ने बताया कि लर्निग के लिए लाल, स्थायी के लिए हरा और अन्य प्रकार के लाइसेंस के लिए पीला टोकन दिया जाएगा। टोकन मिलने के बाद आवेदक नंबर के अनुसार काउंटर पर जाएंगे और फोटो और कंप्यूटर टेस्ट की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। काउंटर पर इलेक्ट्रानिक बोर्ड पर नंबर डिस्प्ले होगा।

प्रतीक्षालय की व्यवस्था

लर्निग और स्थायी लाइसेंस पर प्रतीक्षालय बनाया गया है। यहां आराम से बैठकर आवेदक अपनी बारी का इंतजार कर सकते हैं। यहां टीवी भी लगाया गया है। आरटीओ डा. विजय कुमार ने बताया कि टोकन व्यवस्था पर आधारित लाइसेंस प्रणाली इस माह शुरू कर दी जाएगी। इससे लाइसेंस बनवाने के लिए आने वाले आवेदकों को सुविधा और बेहतर माहौल मिलेगा। 

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