स्वच्छता एप डाउनलोड कीजिए, फोटो भेजिए साफ होगा आपका इलाका

मेरठ: अगर आपके क्षेत्र में कहीं भी गंदगी से संबंधित कोई समस्या है तो आप 'स्वच्छता' एप की मदद से अपने इलाके को स्वच्छ रख सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर 'स्वच्छता' एप को 95 प्रतिशत लोग उपयोग कर रहे हैं। ऐसा कहना है प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में मेरठ पहुंचे केंद्रीय शहरी विकास व आवास राज्यमंत्री हरदीप पुरी का।

उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों को गंदगी से छुटकारा दिलाने के लिए एप लांच किया था। जिसकी मदद से लोग उस पर शिकायत पोस्ट कर रहे हैं। इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जाता है। इसके बाद आप अपनी शिकायत इसपर पोस्ट कर सकते हैं।

ऐसे कार्य करता है 'स्वच्छता' एप

पूरे देश में कहीं भी गंदगी की समस्या है तो इस एप के जरिए एक फोटो अपलोड कर समस्या पोस्ट कर सकते हैं। इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके, अपना मोबाइल नंबर डालने के बाद एक ओटीपी वन टाइम पासवर्ड आता है। मोबाइल नंबर के वेरिफिकेशन होने के बाद आपका एकाउंट बन जाएगा। इस एप के माध्यम से आप देश के अलग-अलग क्षेत्रों के यूजर्स द्वारा पोस्ट की गई समस्याओं को भी देख सकते हैं। वहीं इस एप पर 'आस-पास के सार्वजनिक शौचालय' की सूची भी मौजूद है। अगर आपके शहर में सार्वजनिक शौचालय हैं तो उसकी सूची भी आ जाएगी।

कूड़ा निस्तारण का प्रोजेक्ट तो भेजें

शहर में कूड़े डालने की स्थायी जगह न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार कूड़ा निस्तारण प्रोजेक्ट के लिए 35 प्रतिशत अंशदान देती है लेकिन इसके लिए प्रदेश सरकार को प्रोजेक्ट भेजना होता है। इसके बाद ही हम सहायता कर सकते हैं। फिलहाल मेरठ के कूड़ा निस्तारण प्रोजेक्ट की कोई योजना नहीं है।

समय पर पूरा होगा रैपिड रेल प्रोजेक्ट

दिल्ली-मेरठ के बीच रैपिड रेल के दिल्ली सीमा के अंतर्गत 9 किमी पर दिल्ली सरकार द्वारा आर्थिक सहयोग न करने पर उन्होंने कहा कि यह मामला निपटा लिया जाएगा। यह अपने प्रस्तावित तय समय पर चलेगी। बता दें रैपिड रेल प्रोजेक्ट पर 31 हजार 632 करोड़ रुपये अनुमानित लागत है। इसमें दिल्ली सरकार को 1138 करोड़ रुपये के लगभग धनराशि देनी है।

सीवरेज सिस्टम का कराएंगे सर्वे

उन्होंने कहा कि शहर के सीवरेज सिस्टम अमृत योजना के अंतर्गत आते हैं। इसके लिए सर्वे कराने के लिए कहा गया है। बता दें अमृत योजना में भूमिगत सीवेज प्रणाली का निर्माण और रख-रखाव का प्रावधान है। वहीं नाली और सेप्टिक टैंक की जैविक और यांत्रिक सफाई की जिम्मेदारी भी इस योजना के अंतर्गत ही है।

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