Ankit Gurjar Death: दिल्‍ली की तिहाड़ जेल में गैंगवार में कुख्यात अंकित गुर्जर की हत्‍या, चुनाव लड़ने के लिए प्रत्‍याशी को उतारा था मौत के घाट

दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में आतंक का पर्याय रहे सवा लाख का इनामी कुख्यात अंकित उर्फ बाबा की मंगलवार रात दिल्ली तिहाड़ जेल के अंदर गैंगवार के दौरान हत्‍या कर दी गई। अंकित वही अपराधी है जो निर्विरोध ग्राम प्रधान बनाना चाहता था और एक की हत्‍या कर दी थी।

Himanshu DwivediWed, 04 Aug 2021 01:59 PM (IST)
तिहाड़ जेल में अंकित गुर्जर की मौत। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, बागपत। दिल्ली व एनसीआर में आतंक का पर्याय रहे सवा लाख का इनामी कुख्यात अंकित उर्फ बाबा की मंगलवार रात दिल्ली तिहाड़ जेल के अंदर गैंगवार के दौरान हत्‍या कर दी गई। अंकित वही अपराधी है, जो निर्विरोध ग्राम प्रधान बनाना चाहता था। इसके लिए उसने अपने गांव के भावी प्रत्याशी विनोद कुमार की हत्या कर दी थी। गांव में चुनाव संबंधी पर्चे डाले थे। उसकी माता गीता देवी ग्राम प्रधान पद पर विजयी घोषित हुई थी।

बागपत के ग्राम खैला निवासी अंकित उर्फ बाबा पुत्र विक्रम चांदीनगरथाना का हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, रंगदारी समेत विभिन्न धाराओं के 16 मुकदमें दर्ज है। अंकित एक लाख रुपये से अधिक का इनामी रह चुका था। उसको अगस्त 2020 में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसकी मंगलवार रात दिल्ली तिहाड़ जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अंकित के भाई अंकुर का आरोप है कि पिछले कई माह से जेल स्टाफ अंकित को परेशान कर रहा था। इससे अंकित ने उनको बताया था। अंकुर का आरोप है कि जेल में अंकित की पिटाई कर हत्या की गई है। हालांकि अंकित की मौत के कारण का सही पता पोस्टमार्टम रिपेार्ट व पुलिस की जांच से चलेगा। उधर, चांदीनगर थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह का कहना है कि अपराधी अंकित की दिल्ली तिहाड़ जेल में मौत हुई है। उसकी मौत कैसे हुई, इसकी कोई जानकारी नहीं है। अंकित के स्वजन गांव से दिल्ली चले गए है।

चुनाव के लिए प्रत्‍याशी की कर दी थी हत्‍या

कुख्‍यात अंकित गुर्जर अपने गांव से प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ना चाहता था। इसके लिए उसने विनोद नाम के युवक की हत्‍या कर दी थी और गांव में पर्चें बंटवा दिए थे कि कोई भी चुनाव लड़ा तो अंजाम बुरा होगा और उसकी भी हालत भी विनोद जैसी होगी।

नौ साल पूर्व हत्या कर रखा था जरायम की दुनिया में कदम

पुलिस रिकार्ड के मुताबिक अंकित ने वर्ष 2012 में गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में हत्या की वारदात को अंजाम देकर जरायम की दुनिया में कदम रखा था। जिसके बाद से तो अपराध की दुनिया में इसके कदम रुके ही नहीं। एक के बाद एक वादात करते गया। इसपर हत्‍या, किडनैपिंग, रंगदारी समेत 16 मुकदमे दर्ज हैं। ये मुकदमे दिल्‍ली समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में दर्ज है।

मां को वोट देने को धमकाए थे वोटर

अंकित उर्फ बाबा ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अपनी माता गीता देवी को वोट देने का वोटरों पर दबाव बनाया था। डराते, धमकाते हुए रुपये की भी डिमांड की गई थी। पुलिस ने अंकित समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही धमकी भरे गलियों में पर्चा भी बांटा गया था। जिसके बाद पुलिस ने उस गांव में सुरक्षा बड़ा दी थी और संदिग्‍धों को पकड़ा था।

 

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