्रसिलेंडर के नोजल की भी कालाबाजारी

्रसिलेंडर के नोजल की भी कालाबाजारी

कोरोना महामारी काल में जहां कुछ लोग मानव धर्म निभाते हुए सेवा में जुटे हैं।

JagranMon, 10 May 2021 10:10 AM (IST)

मेरठ,जेएनएन। कोरोना महामारी काल में जहां कुछ लोग मानव धर्म निभाते हुए सेवा में जुटे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो मानवता को तार-तार करने से बाज नहीं आ रहे। आक्सीजन और दवाई के बाद सिलेंडर के नोजल में भी कालाबाजारी शुरू हो गई है। एक हजार रुपये कीमत के नोजल को तीन हजार रुपये में बेचा जा रहा है। रविवार को कालाबाजारी की पोल खुलती हुई आडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुई।

मेरठ के साईपुरम में आक्सीजन सिलेंडर का नोजल, आक्सीफ्लो बनाने का कक्कड़ ब्रांड का कारखाना है। मांग बढ़ी तो उत्पादक ने उत्पादन बढ़ाने की कोशिश की। आम आदमी को दिक्कत न हो लिहाजा कीमत एक हजार रुपये रखी गई। लेकिन मेरठ से ही यह उत्पाद खरीदकर कुछ युवाओं ने वाट्सएप और इंटरनेट के जरिए नया बाजार खड़ा कर दिया और एक हजार के सामान की कीमत तीन हजार तक लगा दी।

रविवार को वायरल हुई आडियो में गाजियाबाद निवासी युवक पुनीत कुमार नोजल की कालाबाजारी करने वाले मेरठ निवासी अíचत अग्रवाल को खूब खरी-खोटी सुना रहे हैं। युवक साफ कह रहा है कि मेरठ में कक्कड़ के नाम से मिलने वाले नोजल की कीमत एक हजार रुपये है और संक्रमित परिवार को बिना मुनाफा वसूल किए नोजल दिया जा रहा है। ऐसे में आप लोग तीन हजार रुपये वसूल रहे हैं, यह शर्मसार करने वाला है। साथ ही नोजल बनाने वाले का नाम भी खराब कर रहे हैं। आडियो में नोजल उत्पादन करने वाले से भी बातचीत की गई और उन्होंने नोजल की कालाबाजारी पर अफसोस जताते हुए पुलिस से शिकायत करने की बात कही है।

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