डासना में फिलहाल एलिवेटेड स्ट्रक्चर से आएंगे दिल्ली के वाहन

डासना में फिलहाल एलिवेटेड स्ट्रक्चर से आएंगे दिल्ली के वाहन

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे में मेरठ से डासना तक दो मुख्य कार्य ही उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती हैं।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 04:35 AM (IST) Author: Jagran

मेरठ, जेएनएन। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे में मेरठ से डासना तक दो मुख्य कार्य ही उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती हैं। पहला, परतापुर तिराहे का इंटरचेंज, और दूसरा डासना का एलिवेटेड हिस्सा। इन दोनों को पूर्ण किए बिना एक्सप्रेस-वे को खोलना मुश्किल है। हालाकि तय समय सीमा 31 दिसंबर तक ये दोनों काम सौ फीसद पूर्ण करना मुमकिन नहीं लगता, वह भी तब जबकि कार्यदाई संस्था ने स्वयं समयावधि छह दिन घटाकर 25 दिसंबर कर ली हो। बहरहाल, ऐसे में दोनों बाधाओं से निपटने का विकल्प तलाशा गया है। आइए, समझते हैं कि डासना के लिए फिलहाल विकल्प क्या है।

डासना में एनएच-24 पर आइएमएस गाजियाबाद के सामने से मेरठ का हिस्सा शुरू होता है या यूं कहें कि मेरठ से जाने वाला हिस्सा वहीं उतरता है। डासना में रेलवे ओवरब्रिज और 700 मीटर का एलिवेटेड स्ट्रक्चर निर्माणाधीन है। यहीं इसी के पास बन रहा है गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की सड़क के लिए ओवरब्रिज। इन सबका काम वैसे तो तेज गति से चल रहा है, मगर जब समय कम बचा है तो उम्मीद नहीं दिखाई देती कि यी बावक्त मुमकिन हो पाएगा। यदि 31 दिसंबर तक ये सभी कार्य नहीं हो पाए, और एक्सप्रेस-वे को खोलना भी पड़े तो क्या होगा। इसलिए इसका विकल्प यह है कि डासना में एलिवेटेड स्ट्रक्चर का एक तरफ का हिस्सा खोल दिया जाएगा। उस हिस्से से दिल्ली से मेरठ के लिए आने वाले वाहन छोड़े जाएंगे। एक तरफ के हिस्से पर तीन लेन होंगे। रही बात मेरठ से जाने वाले वाहनों की तो उन्हें ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर उतार दिया जाएगा। फिर ये वाहन दो किमी आगे चलकर एनएच-24 पर उतरकर दिल्ली चले जाएंगे। हालाकि, कार्यदाई संस्था का दावा है कि यह नौबत ही नहीं आएगी, एक्सप्रेस-वे सौ फीसद तैयार हो जाएगा।

काम की यह है स्थिति

- 700 मीटर लंबे एलिवेटेड स्ट्रक्चर पर कई जगह गर्डर नहीं रखे जा सके हैं।

- कुछ टुकड़ों पर छत डालने का कार्य शुरू हो गया है।

- वर्तमान की स्थिति से पता चलता है कि एक भी तरफ का हिस्सा अभी प्राथमिकता पर नहीं है।

- मेरठ की तरफ से जाने वाला जो हिस्सा बाईं तरफ ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर उतारा जाएगा, उसे फिलहाल जोड़ दिया गया है। अब उसपर सिर्फ तारकोल कार्य होना है।

इन्होंने कहा-

डासना के एलिवेटेड स्ट्रक्चर के दोनों तरफ का हिस्सा 31 दिसंबर तक तैयार कर लिया जाएगा। उसी के साथ-साथ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की सड़क के लिए बन रहा ओवरब्रिज भी तैयार हो जाएगा। पाच-छह दिन में गर्डर लाचिंग का कार्य पूरा हो जाएगा। किसी एक तरफ के हिस्से को खोलना व ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के सहारे एक तरफ के ट्रैफिक को छोड़ने की कोई योजना नहीं है। एक्सप्रेस-वे में ऐसा किया नहीं जाता।

-अरविंद कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे

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