ITI में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंट और एरोनॉटिक्स जैसे कोर्स जल्‍द होंगे शुरू, पढ़िए मंत्री जी ने क्‍या बातें कहीं Meerut News

मेरठ, जेएनएन। व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल गुरुवार को आइटीआइ साकेत का औचक निरीक्षण किया। एक घंटा पहले आइटीआइ को बताया कि वह निरीक्षण करने आ रहे हैं। आइटीआइ पहुंचने के बाद मंत्री ने हर क्लास रूम और वर्कशॉप में जाकर छात्रों को देखा। छात्रों से आइटीआइ के विषय में जाना। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से मंत्री ने बताया कि निरीक्षण में सभी चीजें ठीक मिली हैं। उन्होंने कहा कि आइटीआइ को लेकर लोगों में हीन भावना है, विभाग उनकी इस भावना को बदलने में जुटा हुआ है। आइटीआइ पास युवा आज कहीं भी बेरोजगार नहीं है। आइटीआइ के माध्यम से भारत सरकार हर युवा के हाथ में हुनर लाना चाहती है। आइटीआइ की ओर से कई नए ट्रेड भी शुरू किए जाने वाले हैं। जिसमें जिस जिले की जो खासियत है उसे ट्रेड में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एयरोनॉटिक्स जैसे कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं। नोएडा में इस कोर्स को शुरू किया जाएगा।

डीएम करेंगे हर आईटीआई की जांच

मंत्री ने बताया कि आइटीआइ की गुणवत्ता के लिए प्रमुख सचिव से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिलाए गए हैं कि वह टीम बनाकर आइटीआइ का औचक निरीक्षण करें। प्राइवेट आइटीआइ को भी चेक करें। जहां भी गुणवत्ता खराब है, उन्हें चिन्हित करें, उस कमी को दूर करें। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि पीपीपी मॉडल नए आइटीआइ भी खोले जाएंगे। प्राइवेट आइटीआइ में 25 परसेंट सीट काउंसलिंग के माध्यम से भरें जाएंगे। इन सीटों पर सरकार प्रवेश देगी। इन छात्रों की फीस का भी प्रबंधन सरकार करेगी। इसका प्रोग्राम किया जा रहा है उन्होंने बताया कि आर्किटेक्ट जैसे कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। गौशाला को भी आइटीआइ से जोड़ा जा रहा है।

स्वरोजगार के लिए लोन

मंत्री ने बताया कि आइटीआइ पास युवाओं को रोजगार के अलावा स्वरोजगार के लिए मुद्रा लोन भी दिया जा रहा है। इसके साथ ही स्कूली शिक्षा में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आइटीआइ में प्रवेश लेने वाले आठवीं कक्षा के छात्र को दो साल के बाद दसवीं की मान्यता और 12वीं की मान्यता भी दी जाएगी। इससे आइटीआइ के युवा उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहेंगे तो आसानी से ग्रहण कर सकेंगे। मंत्री ने बताया कि आइटीआइ को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि बीटेक करने के बाद भी छात्र यहां अपनी क्वालिटी सुधारने के लिए आएंगे।

चुनाव की ड्यूटी हटाने की मांग

मंत्री को शिक्षकों ने ज्ञापन देकर बीएलओ की ड्यूटी हटवाने की भी मांग की। आइटीआइ शिक्षकों का कहना था कि बीएलओ की ड्यूटी लगाए जाने से वह छात्रों को प्रशिक्षित नहीं कर पा रहे हैं। इससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि वह इस संदर्भ में उचित कदम उठाएंगे। इस मौके पर आइटीआइ साकेत के प्रिंसिपल पीपी अत्री, वाइस प्रिंसिपल बनी सिंह चौहान, भाजपा नेता आलोक सिसोदिया एवं अन्य कई लोग उपस्थित रहे।

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