Coronavirus Effected to Jail: मेरठ में अग्रिम जमानत पर रिहा हुए 49 पुरुष और दो महिला बंदी, 230 की जमानत है मंजूर

मेरठ में 230 कैदियों को रिहा किया जाएगा।

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला कारागार से शुक्रवार को 51 बंदियों को अग्रिम जमानत पर रिहाई दी गई। जिनमे 49 पुरुष व दो महिला बंदी है। अभी 230 बंदियों की जमानत दो महिने के लिए मंजूर की गई है।

Himanshu DwivediSat, 08 May 2021 11:54 AM (IST)

मेरठ, जेएनएन। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला कारागार से शुक्रवार को 51 बंदियों को अग्रिम जमानत पर रिहाई दी गई। जिनमे 49 पुरुष व दो महिला बंदी है। जिला कारागार में अच्छे आचरण वाले बंदियों की सूची बनाकर न्यायालय भेजी गई थी। जिन्हें कोर्ट ने सशर्त जमानत पर रिहा कर दिया है। वहीं अभी 230 बंदियों की जमानत दो महिने के लिए मंजूर की गई है। प्रशासन की तरफ से इन्‍हें भी रिहा किया जा सकता है। बता दें कि प्रशासन ने बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सात साल से कम सजा वाले बंदियों को अग्रिम जमानत देने का फैसला लिया है।

जेल अधीक्षक बीडी पांडेय के मुताबिक डीजीपी जेल की सदस्यता में बनाई गई कमेटी ने सात साल से कम सजा वाले विचाराधीन व सजायाफ्ता बंदियों को अग्रिम जमानत पर रिहा करने का फैसला लिया। जिसके बाद चौधरी चरण सिंह जिला कारागार से 250 बंदी चिंहित किए गए थे। जेल प्रशासन की तरफ से 230 बंदियों के प्रार्थना पत्र मिल गए थे। जिन्हें न्यायालय भेजकर दो महीने की जमानत ले ली गई। देर शाम 51 बंदियों को रिहा किया गया। कमेटी ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सात साल से कम सजा वाले बंदियों को छोड़ने का फैसला लिया है। कारागार में क्षमता से अधिक बंदी है। ऐसे में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। हालांकि जेल प्रशासन की तरफ से कोविड प्रोटोकाल के अनुसार सावधानी बरती जा रही है। नये बंदियों को अस्थाई जेल में क्वारंटाइन कराने के बाद ही जिला कारागार में शिफ्ट किया जा रहा है। इसके अलावा मुलाकात बंद है।

क्षमता से अधिक बंदी होने के कारण लिया गया फैसला: मेरठ समेत यूपी के कई जेलों में क्षमता से अधिक बंदी जेल में हैं। जिसे लेकर कोरोना का खतरा मडरा रहा है। प्रशासन ने इस मामले को लेकर गंभीरता दिखाते हुए जमानत देने का फैसला किया है। जिसके बाद से मेरठ में 230 की जमानत होनी है। जेल प्रशासन का कहना है कि यहां कोरोना गाइडलाइन के तहत सभी नियमों का पालन होता है। वहीं सभी कैदियों को अलग रहने की व्‍यवस्‍था की गई है। आपसी मुलाकात पर पाबंदी है।  

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