मेरठ में कोरोना का कहर : किसी को भर्ती का इंतजार, तो किसी को किया इन्कार, अस्‍पतालों की अव्यवस्था हावी

मेरठ में कोरोना काल के दौरान अस्‍पतालों में भर्ती नहीं हो पा रहे मारीज।

कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने के कारण मेडिकल कालेज में संक्रमित मरीजों की कतार लगातार लंबी होती जा रही है। शनिवार को भी लोग बड़ी संख्या में अपने संक्रमित स्वजन को लेकर पहुंचे। कुछ को भाग दौड़ के बाद भर्ती कर लिया गया। वहीं कुछ को मना कर दिया।

Himanshu DwivediSun, 09 May 2021 04:00 PM (IST)

मेरठ, जेएनएन। कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने के कारण मेडिकल कालेज में संक्रमित मरीजों की कतार लगातार लंबी होती जा रही है। शनिवार को भी लोग बड़ी संख्या में अपने संक्रमित स्वजन को लेकर पहुंचे। कुछ को भाग दौड़ के बाद भर्ती कर लिया गया, जबकि कुछ की हालत गंभीर देखकर उन्हें भर्ती करने से इंकार कर दिया गया। परेशान स्वजन अपने मरीज को लेकर इधर-उधर भटकने के बाद मायूस होकर वापस ले गए।

लिसाड़ी गेट निवासी नाजमा कुछ दिन पहले मेडिकल कालेज में बुखार से पीड़ित होने के बाद भर्ती हुई थीं। यहां जांच पड़ताल के बाद नाजमा कोरोना से पीड़ित निकलीं और उनका आक्सीजन लेवल भी कम होने लगा। शनिवार को महिला की गंभीर हालत होती देख मेडिकल स्टाफ ने उन्हें कोरोना वार्ड में भेज दिया लेकिन यहां भी मरीज घंटों वार्ड के अंदर जाने के इंतजार में गर्मी में बैठा रहा। काफी गुहार लगाने के बाद मेडिकल स्टाफ मरीज को अंदर लेकर गया।

दूसरी ओर, सदर बाजार निवासी आफतारा बेगम को गंभीर हालत में स्वजन मेडिकल लेकर पहुंचे। इधर से उधर भटकने के बाद अंतत: उन्हें आपातकालीन विभाग में ले जाया गया जहां मेडिकल स्टाफ ने जांच करने के बाद महिला को बेड और आक्सीजन न होने की बात बताते हुए भर्ती करने से इन्कार कर दिया।

साहब, हमें नहीं कराना यहां पर इलाज, मरीज को डिस्चार्ज करो

कोरोना संक्रमण काल में जहां ज्यादातर लोग अपने मरीज को मेडिकल कालेज में भर्ती कराने के लिए डाक्टरों के सामने गिड़गिड़ा रहे हैं, बड़ी-बड़ी सिफारिशें लगा रहे हैं। ऐसे वक्त में शनिवार को ऐसा वाक्या सामने आया, जिसने मेडिकल कालेज की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया। परिसर में परेशान हाल दो शख्स घूमते मिले। इन्होंने न केवल अपने मरीज का मेडिकल में उपचार कराने से इन्कार कर दिया, बल्कि उसे डिस्चार्ज कराने की गुहार लगा एक प्रार्थना पत्र भी चिकित्सक के पास भेज दिया।

चार दिन हो गए, पिता की कोई खैर-खबर नहीं

ऐसे ही मुजफ्फरनगर निवासी नदीम ने भी अपने पिता को कोरोना वार्ड से बाहर निकालने की मांग करते हुए शोर मचा दिया। युवक का कहना था कि उसके पिता को चार दिन पहले यहां भर्ती कराया था, लेकिन उनके स्वास्थ्य के बारे में कोई खबर अभी तक नहीं मिल सकी है। युवक की नाराजगी देखकर मौजूद लोगों ने उसे समझाकर शांत किया और मेडिकल स्टाफ ने उसे पिता का बेहतर उपचार करने और स्वास्थ्य में सुधार होने के संबंध में जानकारी भी उपलब्ध कराई।

पत्नी को भर्ती कराकर गलती कर दी..

नई बस्ती निवासी देवेंद्र सिंह की पत्नी एक सप्ताह पहले संक्रमण की चपेट में आ गई थीं। हालत गंभीर होने पर मेडिकल कालेज में भर्ती करा दिया। शनिवार को देवेंद्र सिंह कोरोना वार्ड के बाहर पहुंचे और पत्नी को डिस्चार्ज करने की गुहार लगानी शुरू कर दी। मेडिकल स्टाफ ने युवक को समझाया, लेकिन वह पत्नी को डिस्चार्ज कराने की जिद पर अड़ गया। मेडिकल स्टाफ ने युवक की मुलाकात उसकी पत्नी से कराने और बाद में निर्णय लेने का आश्वासन देकर शांत किया। 

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