Suicide: मेरठ के भैंसाली रोडवेज डिपो में तैनात परिचालक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

पुलिस के मुताबिक जालौन के उरई थाना क्षेत्र में गांव बाजीदा निवासी करीब 45 वर्षीय बृजेश कुमार भैंसाली डिपो की रोडवेज बस में परिचालक थे। बृजेश का परिवार अपने गांव बाजीदा में ही रहता है। शनिवार की रात को बृजेश ने फांसी लगाकर जान दे दी।

Prem Dutt BhattMon, 26 Jul 2021 10:00 PM (IST)
पुलिस ने मृतक के स्वजन को जालौन में सूचना दी।

मेरठ, जागरण संवाददाता। मेरठ के मोदीपुरम में पल्लवपुरम क्षेत्र के गांव डौरली में किराये के कमरे में रहने वाले रोडवेज विभाग के परिचालक ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या की है। परिचालक किराये पर अकेले रहता था, जबकि परिवार जालौन के गांव में है। पुलिस ने शव मोर्चरी पहुंचा दिया, वहीं रोडवेज स्टाफ और मृतक के स्वजनों को भी सूचना दी है। पुलिस तहकीकात कर रही है।

चार महीने पहले लिया था कमरा

पुलिस के मुताबिक, जालौन के उरई थाना क्षेत्र में गांव बाजीदा निवासी करीब 45 वर्षीय बृजेश कुमार पुत्र स्व: वीर सिंह जाटव भैंसाली डिपो की रोडवेज बस में परिचालक थे। बृजेश का परिवार अपने गांव बाजीदा में ही रहता है। चार दिन पूर्व ही बृजेश अपने गांव से वापस ड्यूटी पर आए थे। चार माह पूर्व ही बृजेश ने डौरली में चिंटू चौहान पुत्र ईश्वर सिंह के मकान में एक कमरा किराये पर लिया था। शनिवार रात को बृजेश अपने कमरे में सोने चले गए। रविवार सुबह मकान स्वामी किसी काम से बृजेश को आवाज दी तो कमरे से कोई जबाव नहीं मिला। खिड़की से देखा तो पंखे में रस्सी से बंधे फंदे पर बृजेश का शव लटका हुआ था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची जानकारी की। पुलिस ने शव उतरवाया। मौके से ऐसा कोई पत्र अथवा डायरी नहीं मिली, जिससे आत्महत्या का कारण स्पष्ट हो सके। इंस्पेक्टर देवेश शर्मा का कहना है कि आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। स्वजन के आने पर जानकारी की जाएगी।

अधेड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

दौराला के सिवाया गांव में एक अधेड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हाईवे के पास अधेड़ बेसुध हालत में स्वजनों को मिले थे। स्वजन अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। स्वजनों ने गांव के तीन लोगों पर अधेड़ की हत्या करने का आरोप लगाया है। बताया जाता है कि सिवाया गांव निवासी 50 वर्षीय मुकेश गुप्ता रविवार रात को गांव के तीन लोगों के साथ किसी काम को जाने की बात कहकर गए थे। देर रात तक भी जब मुकेश अपने घर नहीं पहुंचे तो उनके स्वजनों ने उनकी तलाश शुरू की।

शरीर पर चोट के निशान

कृषि विवि मोड़ और सिवाया गांव के बीच में स्थित एक शराब के ठेके के पास मुकेश बेसुध हालत में पड़े थे। शरीर पर चोट के निशान थे। स्वजन मुकेश को अस्पताल ले गए, मगर जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद स्वजन शव को अपने घर ले गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। मृतक के बेटे शुभम और अभिषेक ने पुलिस से गांव के ही तीन लोगों पर उनके पिता को ले जाने और हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने शव मोर्चरी पहुंचा दिया। इंस्पेक्टर ब्रिजेश सिंह का कहना है कि मुकेश शराब का आदी थी, मगर मृतक की पीठ पर चोट के हल्के निशान थे, जिससे मृत्यु होना असंभव है। पीडि़त स्वजनों से तहरीर मांगी है, मगर अभी तक नहीं दी। तहरीर आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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