सर्दी की पहली बारिश से फिर लौटी ठंड, ठिठुरन भी बढ़ी

मेरठ । मौसम तेजी से रंग बदल रहा है। 24 घंटे पहले पारे में रिकार्ड बढ़ोतरी के बाद सोमवार को दोपहर बाद रिमझिम बरसात से ठंड अचानक बढ़ गई। देर शाम बरसात तो रुक गई, लेकिन ठंडी हवाओं ने लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया। देर रात बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के साथ तेज बारिश हुई। मौसम में आए व्यापक बदलाव ने शहर वासियों को स्तब्ध कर दिया।

सीजन की पहली बारिश का अर्से से लोगों को इंतजार था। ढ़ाई-तीन घंटे तक लगातार फुहारें पड़ने से ठंड बढ़ गई। शाम साढ़े पांच बजे तक 3.0 एमएम बारिश हो चुकी थी। वहीं अधिकतम तापमान 21.6 रहा जो सामान्य था। हालांकि न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 10.6 डिग्री दर्ज किया गया।

सोमवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए थे और हवाएं चल रही थीं। दोपहर बाद घने बादल घिरे और और बारिश शुरू हो गई। स्कूली बच्चे बारिश में भीगते हुए घर पहुंचे। बारिश से बचने के लिए लोगों के जतन बेकार साबित हुए। शाम साढ़े छह बजे तक रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा। दिल्ली समेत एनसीआर के कई स्थानों पर बारिश हुई है। रात में ठंडी हवाओं ने बाहर बाहर निकले लोगों को कंपा दिया। देर रात आकाश में बिजली गरज चमक के साथ बारिश का दौर रुक-रुक कर चलता रहा। सितंबर से आरंभ हुए ठंड के सीजन में सोमवार को पहली बार ठीक-ठाक बारिश देखने को मिली है। इसके पहले नाममात्र को बारिश हुई थी। अधिकतम तापमान पिछले 24 घंटों की तुलना में छह डिग्री गिर गया। सरदार पटेल कृषि विश्वविद्यालय के डा. यूपी शाही ने बताया कि 22 और 23 को भी बारिश के आसार हैं, साथ ही ओलावृष्टि भी हो सकती है। जिससे कड़ाके की ठंड फिर से लौटेगी।

चार दिन पहले से बनना शुरू हो गया लो प्रेशर एरिया

पिछले चार दिनों से पारे में बढ़ोतरी का क्रम जारी था। रविवार को तो अधिकतम तापमान पिछले 17 सालों के उच्चतम बिंदु 27.6 पर पहुंच गया था। पश्चिम विक्षोभ के प्रभाव से कश्मीर में सोमवार जबरदस्त बर्फबारी हुई कई स्थानों पर हाईवे बंद करने की सूचना है। पहाड़ों और मैदानों में परस्पर विरोधी मौसम की परिस्थितियों ने मेरठ और आसपास के क्षेत्र में बारिश वाले बादलों को विकसित करने का कार्य किया। कृषि प्रणाली संस्थान के प्रधान मौसम वैज्ञानिक डा. एन सुभाष ने बताया कि तापमान में बढ़ोत्तरी से मेरठ, दिल्ली में लो प्रेशर एरिया विकसित हुआ है। जिसके प्रभाव से अगले दो दिनों तक बारिश के आसार बने हुए हैं।

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

जम्मू कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में अगले दो-तीन दिनों में भारी बर्फबारी हो सकती है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में पहाड़ों पर घूमने जाने वालों को अपना कार्यक्रम निरस्त कर देना चाहिए। वैष्णो देवी के लिए भी ऐसे समय जाना ठीक नहीं होगा।

सिंचाई न करें किसान

कृषि विवि के प्रोफेसर मोहन लाल ने बताया कि अगर बारिश हल्की होती है तो फसलों के लिए लाभकारी है। लेकिन ज्यादा होती है तो खेतों में तैयार सरसों, आलू और काफी हद तक गेंहू की फसल खराब हो सकती है। ऐसे में किसानों को सिंचाई नहीं करनी चाहिए। आलू और सरसों के खेतों में पानी भरने पर जल निकासी के इंतजाम करने चाहिए।

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