Coaching Institute: इंटरनेट पर स्‍टार दिखाकर गुमराह कर रहे हैं मेरठ के कोचिंग संस्‍थान, जाल में फंसने से ऐसे बचें

Coaching Institute अपने बच्‍चे का किसी कोचिंग सेंटर में दाखिला कराने जा रहे हैं तो जरा सावधान रहें। कई कोचिंग सेंटर भ्रम फैलाकर अपने जाल में फंसाया जा रहा है। इंटरनेट माध्‍यम पर खुद फीड बैक लिखकर प्रतियोगी छात्रों को गुमराह भी कर रहे हैं।

Prem Dutt BhattWed, 13 Oct 2021 08:50 AM (IST)
मेरठ में ही दूर दराज गांव के बच्‍चे और अभिभावक हो रहे भ्रमित।

मेरठ, जागरण संवाददाता। Coaching Institute इंटरनेट के जाल में अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राएं भी फंसने लगे हैं। जिसमें कई कोचिंग संस्‍थान फाइव स्‍टार दिखाकर छात्रों और उनके अभिभावकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इंटरनेट माध्‍यम पर खुद फीड बैक लिखकर प्रतियोगी छात्रों को गुमराह भी कर रहे हैं। जिससे बहुत से अभिभावक भ्रमित हैं।

कोविड समय घर लौट आए

कोविड के समय में इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बहुत से प्रतियोगी कोटा छोड़कर अपने घर लौट आए। अब वह मेरठ के कोचिंग संस्‍थानों में तैयारी कर रहे हैं या फिर घर से सेल्‍फ स्‍टडीज कर रहे हैं। वहीं मेरठ और आसपास के गांव के जो छात्र कोटा जाकर जेईई और नीट की तैयारी करना चाहते थे। वह भी मेरठ के कोचिंग संस्‍थानों में पढ़ने आ रहे हैं। कोविड महामारी के दौरान आनलाइन कोचिंग के माध्‍यम से प्रतियोगी छात्रों ने अपनी तैयारी की। अब स्‍थिति सामान्‍य होने के बाद वह एक फिर कोचिंग संस्‍थानों में भौतिक रूप से कक्षाएं करने के लिए आने लगे हैं। इसमें बहुत से छात्र- छात्राएं 12 वीं के बाद अब मेडिकल या इंजीनियरिंग की तैयारी में जुटे हैं।

स्‍टार देखकर सर्च करते हैं कोचिंग

गांव से आने वाले बहुत से छात्र- छात्राएं और उनके अभिभावक मेरठ में कोचिंग संस्‍थानों में प्रवेश लेने से पहले इंटरनेट पर मेरठ की कोचिंग को सर्च कर रहे हैं। इसमें वह कई कोचिंग संस्‍थानों के इंटरनेट पर फैलाए झूठे जाल में फंसने लगे हैं। शाहजहांपुर से आए एक अभिभावक ने बताया कि उसने इंटरनेट पर फाइव स्‍टार देखकर एक कोचिंग में अपने बच्‍चे को प्रवेश दिला दिया, लेकिन वहां जाकर पता चला कि उस सेंटर का प्रदर्शन ठीक नहीं है। कुछ कोचिंग संस्‍थान खुद इंटरनेट पर कुछ लड़कों को बैठाकर अपनी ब्रांडिंग करा रहे हैं और साथ ही फर्जी फीड बैक देकर फाइव स्‍टार भी भर रहे हैं।

कोचिंग की करें पूरी पड़ताल

विशेषज्ञों की माने तो किसी भी कोचिंग में प्रवेश दिलाने से पहले उसकी ग्राउंड लेबल पर पड़ताल जरूरी है। इसके लिए किसी स्‍टार पर भरोसा करने की जगह उस कोचिंग में जाकर फैकल्‍टी, बच्‍चों के प्रदर्शन और पूर्व में हुए सेलेक्‍शन को देखना चाहिए। एक दो कोचिंग संस्‍थानों में जाकर भी पूरी तरह से पता करना चाहिए।

कोचिंग कक्षाओं में टूटे मानक

मेरठ में सबसे अधिक कोचिंग संस्‍थान पीएल शर्मा रोड और आसपास में हैं। कोविड के दौरान सभी कोचिंग बंद थे। अब कोचिंग खुलने के बाद कोविड का प्रोटोकाल भी टूट गया है। कई कोचिंग संस्‍थान एक कक्षा में 150 से 200 बच्‍चों को पढ़ा रहे हैं। जहां किसी तरह का कोविड प्रोटोकाल नहीं है। दूसरी ओर कई ऐसे भवनों में कोचिंग संचालित हैं जहां बच्‍चों के जाने का एक ही रास्‍ता है। अगर कोई हादसा होता है तो बच्‍चों को सुरक्षित निकालना भी मुश्‍किल है।

जल्‍द आने वाला है नीट का रिजल्‍ट

एमबीबीएस में प्रवेश के लिए आयोजित नीट - राष्‍ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा का रिजल्‍ट आने वाला है। जिन छात्रों ने परीक्षा दे दी है, उनके आवेदन पत्र में संशोधन के लिए एनटीए ने एक आखिरी मौका दिया है। जिसमें 13 अक्‍टूबर तक प्रतियोगी छात्र अपने आवेदन पत्र में लिंग, राष्‍ट्रीयता, ईमेल आदि को अपडेट कर सकते हैं। एनटीए की ओर से ईमेल पर ही छात्रों को आंसर की स्‍कैन कापी भेजी जाएगी। इसके बाद रिजल्‍ट घोषित किया जाएगा।

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