Chinese Manjha: मेरठ का खूनी मांझा, ढील से कट रही जिंदगी की डोर,रोक के बावजूद बिक रहा, पढ़ें यह रिपोर्ट

Chinese Manjha मेरठ में जानलेवा मांझा लोगों के जीवन की डोर काटने में लगा हुआ है। हालात यह है कि थाने से नोटिस देकर दुकानदार को छोड़ दिया जाता है। यह बेगुनाह लोगों और पक्षियों की मौत का कारण बन रहा है। 15 दिन में दो मौत हो चुकी हैं।

Prem Dutt BhattFri, 15 Oct 2021 09:20 AM (IST)
मेरठ में नौ माह में जनपद में चाइनीज मांझा बेचने वालों पर दर्ज हुए 92 मुकदमे।

मेरठ, जागरण संवाददाता। Chinese Manjha नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की रोक के बावजूद चाइनीज मांझा बड़े पैमाने पर बिक रहा है। यह बेगुनाह लोगों और पक्षियों की मौत का कारण बन रहा है। बीते 15 दिन में चाइनीज मांझे से दो मौत हो चुकी हैं। इसके बाद कई बार अभियान चलाकर दुकानदारों पर सख्ती भी बरती गई। मगर कानूनी दायरे में कोई ऐसी बड़ी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे इस मांझे की बिक्री पर रोक लग सके। मांझा जब्त कर थाने से 41ए का नोटिस देकर दुकानदार को छोड़ दिया जाता है। बाद में आरोप पत्र लगाने के बाद भी कोर्ट में सिर्फ जुर्माने की कार्रवाई होती है। यही कारण है कि दुकानों पर चाइनीज मांझा बेरोकटोक बिक रहा है।

यह भी जानें

हर बार चाइनीज मांझे से मौत होने के बाद पुलिस-प्रशासन नींद से जागता है, लेकिन कुछ दिन बीतते ही फिर वही हालात हो जाते हैं। पिछले नौ माह का रिकार्ड देखें तो सभी थानों में चाइनीज मांझे से संबंधित 92 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 25 मुकदमे सिर्फ कोतवाली सर्किल के तीन थानों लिसाड़ीगेट, देहलीगेट और कोतवाली में दर्ज हैं। दुकानदारों को चाइनीज मांझे के साथ थाने तक लाया जाता है। इसके बाद 41ए का नोटिस देकर छोड़ दिया जाता है। कुछ मुकदमों का निरस्तारण लोक अदालत में कर दिया जाता है। जो मुकदमे अंतिम स्तर पर पहुंचते भी हैं, उनमें से दो सौ से एक हजार रुपये का जुर्माना किया जाता है। इस मामूली कार्रवाई की वजह से ही दुकानदार लगातार चाइनीज मांझा बेच रहे हैं।

अधिवक्ता ने बताया

वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल बख्शी का कहना है कि चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ धारा 336 और 268 आइपीसी में कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि चाइनीज मांझे से आमजन की जान को खतरा है। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि चाइनीज मांझे की सभी दुकानों को चिह्नित कर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि चाइनीज मांझे को लेकर अभियान चलाया जाएगा। मांझा बेचने वालों पर कानूनी दायरे में कार्रवाई की जाएगी।

दुकानदार पर कार्रवाई का यह है प्रविधान

चाइनीज मांझे की बिक्री करने पर पहली बार पकड़े जाने पर दो सौ रुपये का जुर्माना और एक माह की सजा का प्रविधान है। दूसरी बार पकड़े जाने पर छह माह की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना है।

दिल्ली और बेंगलुरु से आता है चाइनीज मांझा

मेरठ और आसपास के जनपदों में बेंगलुरु और दिल्ली से चाइनीज मांझा लाया जाता है। मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में दुकानदार चाइनीज मांझे की बिक्री करते हैं। खैरनगर और गोला कुआं पर चाइनीज मांझे के बड़े दुकानदार हैं, उनकी सप्लाई ही पूरे जनपद में जाती है। चाइनीज मांझे की कीमत 200 रुपये किलो से शुरू होकर एक हजार रुपये किलो है, वहीं कार्टन मांझे की शुरुआत 700 रुपये किलो से पांच हजार रुपये किलो तक है। कार्टन मांझा किसी वस्तु से उलझने पर टूट जाता है, जिससे आमजन से लेकर पक्षियों को भी कोई नुकसान नहीं होता। दुकानदारों का कहना है कि चाइनीज मांझा तालाब से मछली पकडऩे के प्रयोग में लाया जाता है। रेट कम होने की वजह से इसका प्रयोग पतंग उड़ाने में भी किया जाने लगा है।

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