CCSU Meerut News: विधि के मॉक टेस्ट में 3113 परीक्षार्थी पास, एलएलबी और एलएलएम में टाइप करके देंगे परीक्षा

लॉ की आनलाइन परीक्षा के लिए सीसीएसयू की ओर से विकल्प दिया गया था। इसमें 36 हजार छात्र- छात्राओं में से 7228 छात्रों ने आनलाइन परीक्षा का विकल्प भरा था। विश्वविद्यालय की आनलाइन परीक्षा कंप्यूटर या लैपटाप पर सीधे टाइप करके देनी है।

Prem Dutt BhattSun, 25 Jul 2021 09:30 PM (IST)
मेरठ सीसीएसयू में मॉक टेस्‍ट के दौरान 414 छात्र लाग इन नहीं कर पाएं पोर्टल।

मेरठ, जागरण संवाददाता। मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों में संचालित एलएलबी, बीएएलएलबी और एलएलएम की आफलाइन के साथ आनलाइन परीक्षा हो रही है। आनलाइन परीक्षा देने के लिए जिन छात्र- छात्राओं ने विकल्प भरा था, रविवार को उन्होंने माक टेस्ट दिए। जिसमें 7228 छात्र- छात्राओं में 3113 छात्र- छात्राएं मॉक टेस्ट में सफल रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि तीन हजार से अधिक छात्र- छात्राएं आनलाइन परीक्षा में बैठ सकते हैं।

छात्रों ने भरा था विकल्‍प

विधि की आनलाइन परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय की ओर से विकल्प दिया गया था। इसमें 36 हजार छात्र- छात्राओं में से 7228 छात्रों ने आनलाइन परीक्षा का विकल्प भरा था। विश्वविद्यालय की आनलाइन परीक्षा कंप्यूटर या लैपटाप पर सीधे टाइप करके देनी है। छात्र अपनी सुविधा के अनुसार हिंदी और अंग्रेजी में टाइप करके उत्तर दे सकते हैं। परीक्षा से पहले विवि ने मॉक टेस्ट का मौका दिया था, ताकि आनलाइन परीक्षा देने वाले छात्र इसकी प्रैक्टिस कर लें। इसके लिए सभी छात्रों को लिंक भेजा गया था। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक मॉक टेस्ट लिया गया। जिसमें छात्रों को पुराना पेपर दिया गया था। जिसे छात्रों को टाइप करके उत्तर देना था।

मॉक टेस्ट की यह रही स्थिति

मॉक टेस्ट में आठ ग्रुप बनाए गए थे। सात ग्रुप में एक - एक हजार परीक्षार्थी रखे गए थे। एक ग्रुप में 228 परीक्षार्थी थे। सभी ग्रुप को मिलाकर 7228 छात्र- छात्राओं ने टेस्ट दिया। इसमें 3113 निर्धारित समय पर अपने पेपर को सबमिट कर पाए। 383 छात्र- छात्राओं की टाइप की गति धीमी रही। 414 छात्र- छात्राएं सिस्टम को लाग इन नहीं कर पाए।

केवल हिंदी में सवाल होने से आई दिक्कत

टेस्ट के दौरान छात्रों को कई तरह की समस्या भी सामने आई। छात्रों ने बताया कि जो सवाल दिए गए थे, वह केवल हिंदी में दिए थे। इससे अंग्रेजी में पेपर देने वाले को समझने में दिक्कत आई। माक टेस्ट में दो सवाल दिए गए थे, शब्द संख्या को लेकर स्पष्ट निर्देश नहीं थे। इससे छात्र कंफ्यूज रहे। एक प्रश्न का उत्तर टाइप करने के बाद अगले पेज का विकल्प नहीं था, एक ही पेज पर सभी प्रश्नों को उत्तर लिखकर सबमिट करना था।

आज भी मॉक टेस्ट

रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार का कहना है कि मॉक टेस्ट देने से जो छात्र रह गए हैं, उन्हें सोमवार को भी मौका दिया गया है। वह टेस्ट दे सकते हैं। जो छात्र मॉक टेस्ट में खुद को असहज महसूस कर रहे हैं वह आफलाइन एग्जाम दे सकते हैं। सभी छात्रों के एडमिट कार्ड जारी किए गए हैं, सेंटर भी तय किए गए हैं।

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