अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में युवाओं के लिए निकलेंगी बंपर नौकरियां, टाइगर फाउंडेशन की बैठक में हुआ मंथन

Amangarh Tiger Reserve पर्यटन का केंद्र बनेगा अमानगढ़ टाइगर रिजर्व युवाओं को मिलेगा रोजगार। रिजर्व विकसित करने के लिए भेजी गई कार्ययोजना। टाइगर फाउंडेशन की बैठक में हुआ विचार-विमर्श। मंजूरी मिलने के बाद अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटक आवास बनेंगे।

Taruna TayalFri, 17 Sep 2021 07:00 AM (IST)
पर्यटन का केंद्र बनेगा अमानगढ़ टाइगर रिजर्व।

बिजनौर, जेएनएन। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व का पर्यटन केंद्र बनना तय है। टाइगर फाउंडेशन की बैठक में अमानगढ़ टाइगर रिजर्व को पर्यटन जोन में विकसित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसकी मंजूरी मिलने के बाद अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटक आवास बनेंगे। ईको डेवलपमेंट कमेटी बनाई जाएगी। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

वर्ष 2000 में उत्तराखंड गठन के बाद कार्बेट नेशनल पार्क से जुड़ी अमानगढ़ वन रेंज बिजनौर जनपद का हिस्सा बन गई। 12 साल की जद्दोजहद के बाद अमानगढ़ वन रेंज को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। अमानगढ़ की सीमा से 15 राजस्व गांव सटे हैं। दो साल से वन विभाग के अफसरों ने अमानगढ़ टाइगर रिजर्व को पर्यटन जोन के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की।

वन विभाग की ओर से टाइगर फाउंडेशन को भेजी कार्ययोजना में कहा गया कि वर्ष 2013 में कुल 13 बाघ जबकि वर्तमान में 27 बाघ हैं। पहले अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की संख्या 33 थी, जो बढ़कर 105 हो गई है।

कार्ययोजना में वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए रेसक्यू सेंटर, पर्यटक आवास बनाए जाने, बचाव केंद्र, प्रशिक्षण केंद्र, वाच टावर और कैफिड एरिया बनाने की बात कही गई।

मंगलवार को टाइगर फाउंडेशन की बैठक लखनऊ में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री दारा ङ्क्षसह चौहान की मौजूदगी में हुई। इसमें अमानगढ़ टाइगर रिजर्व को पर्यटक जोन के रूप में विकसित करने पर विचार किया गया। बुधवार को हुई वीडियो कांफ्रेंङ्क्षसग में वन विभाग के आला अफसरों ने डीएफओ डा. एम सेम्मारन से संवाद किया। डीएफओ ने बताया कि टाइगर फाउंडेशन ने दुधवा और पीलीभीत रिजर्व को इस योजना में शामिल करने की मंजूरी दी है।

14,415 हेक्टेयर में फैला है अमानगढ़ टाइगर रिजर्व

जनपद में करीब 50 हजार हेक्टेयर में वन क्षेत्र है। इसमें से 14,415 हेक्टेयर भूमि में अमानगढ़ टाइगर रिजर्व है। टाइगर रिजर्व की एक हजार हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा है।

इन्‍होंने बताया... 

अमानगढ़ टाइगर रिजर्व को ईको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना मंजूरी के लिए टाइगर फाउंडेशन को भेजी गई है। मंगलवार को हुई बैठक में इस मुद्दे पर विचार भी हुआ है। मंजूरी मिलने के बाद टाइगर रिजर्व को पर्यटन जोन में विकसित करने का काम शुरू होगा।

-डा. एम सेम्मारन, डीएफओ

 

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