मेरठ में होगी एथलेटिक्स की क्लब प्रतियोगिताएं

मेरठ में होगी एथलेटिक्स की क्लब प्रतियोगिताएं
Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 08:00 AM (IST) Author: Jagran

मेरठ, जेएनएन। हर गांव से खिलाड़ियों को चिन्हित कर मुख्य धारा की खेल प्रतिस्पर्धा से जोड़ने के लिए एथलेटिक्स की इंटर क्लब प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इंटर स्कूल एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तर्ज पर पूरे जिले के हर क्षेत्र में संचालित एथलेटिक्स एकेडमी, क्लब, गांव आदि के नाम से खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में शामिल किया जाएगा। विभिन्न प्रतिस्पर्धा में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ जिला स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली एकेडमी या क्लबों को चैंपियन घोषित किया जाएगा। इस बाबत एथलेटिक्स संघ ने विभिन्न कोचों द्वारा संचालित एथलेटिक्स एकेडमी और क्लबों का पंजीकरण जिला संघ के तहत करना शुरू किया है।

हर खिलाड़ी को जोड़ने का लक्ष्य

शहरी क्षेत्र में तो खिलाड़ी स्टेडियम, एकेडमी, क्लब या किसी कोच से जुड़कर प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं लेकिन ग्रामीण युवा आपस में साथ मिलकर ही प्रशिक्षण करते हैं। वह न किसी क्लब से जुड़े होते हैं न ही उनका नाम जिला संघ के पास होता है। उनकी सुविधा-असुविधा में कोई साथ भी देने नहीं पहुंचता है। ऐसे खिलाड़ियों को स्थानीय क्लबों, गांव या किसी कोच के साथ जोड़कर जिला संघ से जोड़ने की मुहिम चलाई जाएगी। इससे व्यक्तिगत तौर पर खेलने वाले खिलाड़ी किसी न किसी संस्था से जुड़ेंगे। उन्हें जिला संघ का प्रमाण पत्र मिलेगा। टीम के तौर पर भी अपने गांव, क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।

बाहरी खिलाड़ी खेलेंगे, पर टीम में जगह नहीं

बहुत से खिलाड़ी दूसरे जिलों के हैं लेकिन मेरठ में रहकर पढ़ाई करने के साथ ही यहां खेलते भी हैं। जिस तरह स्कूलों में हर जगह के बच्चे स्कूल के नाम से जाने जाते हैं, उसी तरह मेरठ में रहकर पढ़ाई व खेल प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों को भी शहर की पंजीकृत एकेडमी व क्लबों से जोड़ा जाएगा। इंटर क्लब प्रतियोगिता में यह खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे। हालांकि जिले के बाहर की प्रतियोगिता के लिए टीम चयन होने पर बाहरी खिलाड़ी को मेरठ की टीम में स्थान नहीं मिलेगा। उन्हें अपने जिले से ही टीम का प्रतिनिधित्व करना होगा जिससे मेरठ के खिलाड़ियों को अधिक मौका मिले।

क्लबों के बढ़ने से यह होगा लाभ

-हर खिलाड़ी को कोच व क्लब के रूप में मार्गदर्शक मिलेगा।

-जिला संघ क्लबों व समूहों के जरिए खिलाड़ियों को जागरूक करेगी।

-गांव से लेकर जिले तक के क्लबों से जुड़े खिलाड़ियों को जिला संघ प्रमाण पत्र देगा।

-नियमों के प्रति जागरूक रहने से युवा फर्जी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से बचेंगे।

-जिले की चैंपियन टीम बनने को क्लबों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

-हर स्तर के खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा से बेहतरीन खिलाड़ी निकलेंगे।

-स्थानीय क्लबों के विस्तार से खिलाड़ियों को भी रोजगार मिलेगा।

इनका कहना-

क्लब प्रथा विकसित होने से जिले के भीतर प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। हमारा कुछ क्लब व एकेडमी जुड़े हैं, अन्य को भी जोड़कर इंटर क्लब प्रतियोगिता कराने की तैयारी करेंगे। इससे खेल, खिलाड़ी, कोच व संस्था सभी को लाभ मिलेगा।

-अनु कुमार, सचिव, जिला एथलेटिक संघ, मेरठ

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